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आचार्य ने कीटनाशकों व रासायनिक खादों के बढ़ते प्रयोग पर जताई चिंता

आचार्य ने कीटनाशकों व रासायनिक खादों के बढ़ते प्रयोग पर जताई चिंता

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लोकिन्दर बेक्टा/शिमला। जिला के बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा में किसानों तथा बागवानों से संवाद करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों से उनके उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा मंडियों में बेहतर दाम प्राप्त करने के लिए ‘शून्य लागत प्राकृतिक कृषि अपनाने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पाद न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी हैं, बल्कि पर्यावरण मित्र भी हैं। राज्य के किसानों तथा बागवानों के साथ इस संवाद सत्र का आयोजन बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र मशोबरा द्वारा किया गया। राज्यपाल ने कीटनाशकों तथा रासायनिक खादों के बढ़ते प्रयोग पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इनसे फसलों में स्वास्थ्य के लिए हानिकार अव्यव घुल जाते हैं और साथ ही मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी प्रभावित होती है।


किसानों को पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती के बारे शिक्षित करें वैज्ञानिक

उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे कृषक समुदाय को पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती के बारे में शिक्षित करें तथा राज्य में मौजूदा कृषि के तरीकों में सुधार के लिए शून्य बजट खेती अपनाने के लिए विशेष जागरुकता उत्पन्न की जानी चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों से गहन अनुसंधान करने तथा नई तकनीकें विकसित करने के अलावा विशेषकर प्राकृतिक कृषि में मौजूदा तकनीकों में सुधार करने को कहा।

उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में किया गया अनुसंधान किसानों तथा खेतों तक पहुंचना चाहिए और इसका प्रसार स्थानीय बोलियों में भी किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि पदमश्री डॉ. सुभाष पालेकर ने देश के किसानों को शून्य लागत प्राकृतिक खेती की अवधारणा देकर उनके लिए प्रेरणा बने और देश के 40 लाख से अधिक किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कृषि तकनीक से आम लोगों को लाभ मिलेगा और साथ ही उन लोगों को भी, जिन्होंने पहले ही तकनीक को अपनाया है और अपने उत्पादों के बेहतर दाम प्राप्त कर रहे हैं। डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के कुलपति डॉ. एचसी. शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय की गतिविधियों का ब्यौरा दिया।

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