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Covid-19 लक्षणों वाले व्यक्ति की सूचना नहीं दी तो निजी चिकित्सा संस्थानों पर होगी कार्रवाई

कोरोना से बढ़ती मौतों के बाद प्रशासन ने निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर्स पर कसा शिकंजा

Covid-19 लक्षणों वाले व्यक्ति की सूचना नहीं दी तो निजी चिकित्सा संस्थानों पर होगी कार्रवाई

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ऊना। जिला में कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 infection) के चलते एकाएक बड़े मौतों के मामलों के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तमाम निजी स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल स्टोर्स (Medical stores) के संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसके तहत डीसी ऊना राघव शर्मा ने एक आदेश जारी करते हुए जिला भर के निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर्स के संचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने यहां दवा लेने के लिए आने वाले कोविड-19 लक्षणों के हर मरीज की जानकारी अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य विभाग को देंगे।


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प्रशासन की इस सख्ती का कारण कोरोना से बढ़ रही मौतों में निजी स्वास्थ्य संस्थानों (Private medical institutions) और मेडिकल स्टोर्स की भूमिका का सामने आना है। ऊना राघव शर्मा ने कहा है कि कोविड 19 संक्रमण के कारण जिला ऊना में गत दो सप्ताह में काफी मौतें हुई हैं, जिनका विश्लेषण करने पर यह तथ्य सामने आया है कि बहुत से ऐसे मरीज शामिल हैं जो निजी अस्पतालों व क्लिनिकों से इलाज करवा रहे थे तथा इनके अन्दर कोविड 19 के लक्ष्ण मौजूद थे। इन्होंने ना तो कोविड टेस्ट करवाया और न ही समय पर स्वास्थ्य विभाग को इस सूचना दी गई और हालत गंभीर होने पर जब कोविड पॉजीटिव पाए गए ऐसी स्थिति में उनको बचाया जाना संभव नहीं हो पा रहा था।

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इस तथ्य ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किया गया है कि जिला के निजी चिकित्सक (Private doctor) अपने अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे कोविड-19 लक्षणों वाले व्यक्तियों की सूचना तुरन्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दें तथा किसी भी नजदीकी अस्पताल में कोविड 19 टैस्ट के लिए रेफर करें ताकि संक्रमण का जल्दी पता लग सके। इसके अलावा किसी कैमिस्ट से भी लक्षण प्रभावित व्यक्ति दवाई लेता है उसे बिना चिकित्सा पर्ची के दवाई ना दी जाए। चिकित्सा विभाग किसी भी कोरोना पॉजीटिव मरीज से जानकारी प्राप्त करेगा कि किसी निजी चिकित्सक ने पहले उसका इलाज तो नहीं किया है और स्वास्थ्य विभाग को सूचित नहीं किया है। यदि ऐसा मामला सामने आता है तो इसे अधिसूचना का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसी स्थिति में निजी चिकित्सा संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है।

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