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Asian of the Year के खिताब से नवाजे गए #Adar_Poonawala, कोरोना से लड़ाई में दिया अहम योगदान

अदार पूनावाला को मिला एशियन ऑफ द ईयर का खिताब

Asian of the Year के खिताब से नवाजे गए #Adar_Poonawala, कोरोना से लड़ाई में दिया अहम योगदान

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नई दिल्ली। सीरम इंस्टिट्यूटर ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawala) को एशियन ऑफ द ईयर सम्मान से नवाजा गया है। दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन मैन्यूफैक्चर्र कंपनी के सीईओ को ये सम्मान कोविड-19 महामारी से लड़ने में उनके सहयोग के लिए दिया गया है। सिंगापुर (Singapore) के लीडिंग डेली की ओर से छह लोगों को यह सम्मान दिया गया है। अदार पूनावाला की पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका द्वारा बनाई जा रही वैक्सीन कोविशील्ड का मास प्रोडक्शन करेंगे। वहीं देश में कोविशील्ड का परीक्षण किया जा रहा है। अदार पूनावाला के अलावा चीन के शोधकर्ता झांग योंगझेन, चीन के मेजर जनरल चेन वी, जापान के डॉ. राइउची मोरीशिता, सिंगापुर के प्रोफेसर ओइइ इंग इओंग और दक्षिण कोरिया के कारोबारी सियो जंग-जिन, जिनकी कंपनी दुनिया को कोरोना वैक्सीन और अन्य कोविड-19 उपचार बनाने और बांटने में सक्षम होगी।


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पुरस्कार प्रशस्ति पत्र में इन सभी विजताओं को वायरस बस्टर्स (Virus busters) बताया गया है। प्रशस्ति पत्र में लिखा गया है कि हम आपके साहस, देखभाल, प्रतिबद्धता और रचनात्मकता को सलाम करते हैं। इस जोखिम भरे समय में आप एशिया ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए आशा की उम्मीद है। बता दें कि 1996 में अदार पूनावाला के पिता साइरस पूनावाला ने सीरम इंस्टिट्यूट की स्थापना की थी, 2001 में अदार पूनावाला ने इस कंपनी को ज्वाइन किया था और 2011 में अपने अथक प्रयासों के बाद वे इस कंपनी के सीईओ बने थे।

 

 

पूनावाला का कहना है कि उनका इंस्टिट्यूट गरीब देशों की मदद करेगा ताकि उन तक आसानी से कोरोना की वैक्सीन पहुंच सके। स्ट्रेट्स टाइम्स की विदेशी एडिटर भाग्यश्री गारेकर ने शनिवार को कहा कि इस साल ऐसा कोई दिन नहीं गया, जब इस महामारी से संबंधित कोई खबर ना आई हो। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत में, एशिया के वायरस बस्टर्स आशा की किरण लेकर सामने आए हैं। इस साल हमने कोविड-19 से लड़ाई लड़ रहे व्यक्तियों पर ध्यान दिया, जिन्होंने सभी हेडलाइन को नियंत्रित किया। छह नामों को चुनने के लिए हमने लंबी बहस और प्रक्रिया की, लेकिन अंत में उन लोगों के समूह को यह पुरस्कार दिया है, जिन्होंने वायरस द्वारा लाए गए संकट का उत्तर खोजने मे अहम भूमिका निभाई और मदद की।

 

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