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ADN बाजपेयी की टीस, नहीं जीत पाए SFI का विश्वास

ADN बाजपेयी की टीस, नहीं जीत पाए SFI का विश्वास

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ADN Bajpai : शिमला। प्रो. एडीएन बाजपेयी का हिमाचल प्रदेश विवि के वीसी के रूप में छह वर्ष का सफर आज समाप्त हो गया। आज अपने कार्यकाल के अंतिम दिन उन्होंने दिल की बात कही। छात्र संगठन एसएफआई का विश्वास अर्जित न कर पाने का मलाल उनके दिल पर है। उनका कहना था कि यदि इस छात्र संगठन का विश्वास पा लिया होता तो इस विवि के परिणाम कुछ और ही होते। उन्हें इस बात का भी दर्द है कि वह विवि के दूसरे परिसर के कार्य को सिरे नहीं चढ़ा पाए।

भावुक हुए पूर्व वीसी, कहा, छह साल के करियर में ए-ग्रेड दिलाना रही उपलब्धि

मीडिया से मुलाकात के दौरान प्रो. बाजपेयी ने कहा कि उनकी छह वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि इस विवि को नैक से ए ग्रेड दिलाना है। उन्होंने कहा कि यदि इस मुहिम में एसएफआई उनके साथ होती तो परिणाम और बेहतर आता। उनका कहना था कि इस विवि के पहले बी प्लस था और फिर बी ग्रेड रहा और उसे एक ग्रेड मिलना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में इस विवि पर कोई वित्तीय संकट नहीं है और प्रदेश सरकार से भी इस वर्ष उन्हें 100 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिली है।


कंप्यूटरीकरण का पहला चरण पूरा

प्रो. बाजपेयी ने कहा कि हिमाचल विवि का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है और उसका पहला चरण पूरा हो चुका है और जल्द ही बाकी कार्य पूरा होगा और फिर इस विवि में पेपरलेस कार्य होगा। उनका कहना था कि विवि में रूसा सिस्टम को लागू करना बड़ी उपलब्धि है और इसे उस वक्त सफलता से लागू किया गया जब देशभर के कई विवि इसका विरोध कर रहे थे। उन्होंने ऐलान किया कि छठे सेमेस्टर का परिणाम 30 जून से पहले निकाला जाएगा।

चौहान का Target: परिसर में शांति बहाली रहेगी प्राथमिकता

शिमला। हिमाचल प्रदेश विवि के कार्यवाहक वीसी प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता विवि में शैक्षणिक माहौल बनाना और विवि परिसर में शांति बहाल करना है। उनका कहना है कि छात्रों से किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और बातचीत से सभी मसलों को सुलझाया जाएगा।

आबोहवा से भलीभांति परीचित हूं

प्रो. चौहान ने कहा कि वे यहां की आबोहवा से भलीभांति परीचित हैं और छात्रों के स्वभाव को भी समझते हैं। उनका कहना था कि उनकी सोच है कि छात्र समुदाय के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी को एक समान दृष्टि से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी से बातचीत कर हर समस्या का समाधान हो सकता है और उन्हें विश्वास है कि जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उसमें वे खरे उतरेंगे।

 

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