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Palampur वेटरनरी कॉलेज में खुले Cow Rehabilitation Center

Palampur वेटरनरी कॉलेज में खुले Cow Rehabilitation Center

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शिमला। डॉ. जीसी नेगी कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनीमल साइंस पालमपुर में गाय पुनर्वास केंद्र खोला जाए, ताकि सड़कों पर लावारिस घूम रही गायों का पुनर्वास हो सके और लोगों को खासकर किसानों को लावारिस पशुओं से निजात मिल सके। यह मांग सीएम के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से की। अपनी मांगों को लेकर गोकुल बुटेल आज राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिले। इसके अलावा उन्होंने चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की लाइब्रेरी को लोकल लोगों के लिए खोलने की मांग भी की है। जानकारी देते हुए सीएम के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल ने बताया कि उन्होंने वेटरनरी कॉलेज में गाय पुनर्वास केंद्र खोलने की मांग राज्यपाल के समक्ष रखी।

  • gokul-butailसीएम के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल ने राज्यपाल से उठाया मामला
  • कृषि विवि पालमपुर की लाइब्रेरी में लोकल लोगों की एंट्री की भी मांग

वेटरनरी कॉलेज के पास 100 कनाल तक जमीन है। यहां पर एक गाय पुनर्वास केंद्र खोला जा सकता है और इसे अस्पताल से जोड़ा जाए। इससे न केवल किसानों को लावारिस पशुओं से निजात मिलेगी, वहीं कॉलेज के छात्र भी बेहतर पढ़ाई कर सकेंगे। छात्रों को इससे काफी कुछ सीखने के लिए मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जब तक गायों के हार्मोंन न मरे, तब तक गाय दूध देना बंद नहीं करती हैं। दूध न देने की बजह से लोग गायों को लावारिस छोड़ देते हैं। अगर गाय पुनर्वास केंद्र में गायों की अच्छी देखभाल की जाए और उनका उचित उपचार हो तो वह गाय दूध देने शुरू कर देंगी और लोग गायों को वापस ले लेंगे। साथ ही गायों के बछड़े बिक जाएंगे।

gokul-butail2उन्होंने सुझाव दिया कि इस गाय पुनर्वास केंद्र को एनजीओ के माध्यम से चलाया जाए। सरकार मात्र शेड आदि बनाकर दे। इसके लिए तीन चार लोगों की लोकल बॉडी बनाई जाए, जोकि इसकी देखरेख करे। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के समक्ष चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की लाइब्रेरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय में काफी बड़ी लाइब्रेरी है, लेकिन उसका उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। लाइब्रेरी में 500 छात्रों तक के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन कई बार 5-7 छात्र ही यहां पर होते हैं। ऐसे में इस लाइब्रेरी को स्थानीय लोगों के लिए खोला जाए, ताकि लोग इसका लाभ ले सकें। यूनिवर्सिटी से बाहरी लोगों को कम कीमतों पर यह सुविधा मुहैया करवाई जाए। गोकुल बुटेल ने बताया कि राज्यपाल ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है और कृषि विश्वविद्यालय के वीसी को मांगों पर अमल करने के लिए कहा है।

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