Expand

जनाब! अढ़ाई Lakh में आजकल कहां होती है शादी

जनाब! अढ़ाई Lakh में आजकल कहां होती है शादी

- Advertisement -

टीम। नोटबंदी के 12 दिन बाद भी लोगों की परेशानी पूरी तरह से कम होती नहीं दिख रही है। उस पर शादियों के सीजन ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। हालांकि शादी के लिए केंद्र सरकार ने कार्ड दिखाकर अढ़ाई लाख रुपए बैंकों से निकालने की सहूलियत तो दी है, लेकिन यह छूट नाकाफी है। लोगों का कहना है कि आज के इस दौर में अढाई लाख से शादियां कहां हो पाती हैं। ऐसे में सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। सरकार के इस फैसले से लोग तो लोग स्वर्णकारों को भी राहत नहीं मिल पाई है।

  • bankलोगों का कहना यह छूट नाकाफी, पुनर्विचार करे सरकार
  • सोना व रेडिमेट कारोबारियों का धंधा हुआ मंदा

वर्तमान में सोने के कारोबार में काफी गिरावट दर्ज की गई है। हमीरपुर जिला स्वर्णकार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष का कहना है कि पहले शादियों के सीजन में प्रतिदिन 3 से चार लाख तक की सेल हो जाती थी, लेकिन इस बार सेल हजारों में पहुंच चुकी है। कोई ही ऐसा दिन होता है, जब सेल एक लाख तक पहुंचती है। हालांकि सरकार ने शादियों के लिए बैंकों से अढाई लाख रुपए तक निकाले जाने की छूट दी है, लेकिन यह छूट भी नाकाफी है।

शादी के लिए टेंट, खाना आदि के लिए ही यह राशि बड़ी मुश्किल से पूरी हो पा रही है, ऐसे में लोग सोना कम खरीद रहे हैं। ऐसे में सोने के व्यापार में 50 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, रेडिमेट कपड़ों का धंधा भी मंदा है। रेडिमेट कपड़ा एसोसिएशन हमीरपुर के अध्यक्ष अश्वनी का कहना है कि शादियों का सीजन चला हुआ है और शादियों के सीजन में 30 से 40 हजार रुपए प्रतिदिन की सेल हो जाती थी, लेकिन इस बार बड़ी मुश्किल से 10 हजार रुपए तक ही सेल प्रति दिन हो पा रही है। रेडिमेट कपड़े के व्यापार में काफी गिरावट दर्ज की गई है। सब्जी विक्रेता मोगली ने बताया कि सब्जी खरीदने के लिए भी बहुत कम लोग पैसे खर्च रहे हैं, जिससे नुकसान उठाना पड़ रहा है।

snrखाली हाथ लौटने को मजबूर लोग

केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ व हजार के रुपए के नोटों को बंद करने के फरमान के बाद से लेकर अभी तक भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। हालत यह है कि लोगों को एटीएम में भी पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। चंबा के अधिकांश एटीएम खाली पड़े हुए हैं। वहीं, चेक के माध्यम से भी अधिकतम दस हजार रुपए तक की राशि ही मिल पा रही है। वहीं, केंद्र सरकार के सिर्फ दो हजार तक के ही नोट एक्सचेंज कर पाने के ताजा निर्देशों के तहत अब लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। बेशक लोग केंद्र सरकार के इस फैसले की सराहना कर रहे हों, लेकिन छोटे नोट नहीं मिल पाने से लोग कहीं न कहीं इसके लिए ठोस नीति नहीं बनाने के लिए सरकार के इस फैसले की आलोचना भी कर रहे हैं।

वहीं, ज्वालामुखी में बैंकों व एटीएम में पैसे न होने के कारण लोगों को लंबी लाइनों में लगने के बावजूद निराशा ही हाथ लगी। समीपवर्ती पंचायत अंब पठियार के पूर्व प्रधान उधम सिंह ने कहा कि वे पूरा दिन एक बैंक के पास रहे परंतु न तो उनका नंबर आया और न ही उनको कैश मिला, जिससे उनको खाली हाथ ही मायूस होकर घर लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि अपने ही पैसे को निकालने के लिए उनको इतनी मशक्तें करनी पड़ रही हैं। उन्होंने बैंक प्रबंधन से कैश की व्यवस्था करने को कहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े। उधर, सुंदरनगर नरेश चौक पंजाब नेशनल बैंक की शाखा का एटीएम 8 नवंबर की रात से बंद पड़ा है। लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

bank-2शिमला में बैंकों में कम दिखी बुजुर्गों की भीड़

बैंकों में पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट शनिवार को नहीं बदले गए। आज सीनियर सिटीजन ही बैंक की शाखा जाकर पुराने नोट बदलवा सकते थे। शिमला के बैंकों में बुजुर्गों का कोई ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिली। हर ब्रांच  में 15 से 20 बुजुर्ग ही देखे गए। शिमला के  बैंकों ने अपने लंबित काम को निपटाने के लिए एक दिन के लिए पुराने नोट न बदलने का फैसला किया है।

माना जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में पुराने नोट बदलने की सुविधा को बंद कर सकती है और बैंकों का यह कदम इसी दिशा में है। बैंक की शाखाओं में आज अन्य सभी कार्य होते रहे हैं और बैंक अपने लंबित कार्यों को निपटाया। इससे बैंकों के सामने कोई भीड़ जमा नहीं दिखी है। बैंकों में जिस तरह से नए नोटों की मांग आ रही है, उसे देखते हुए यह फैसला किया गया है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है