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निर्वासित तिब्बतियों का राष्ट्रपति बनने को Penpa Tsering-Kalsang Aukatsang में होगी फाइट, आधिकारिक घोषणा का इंतजार

राष्ट्रपति बनने के पहले दौर में ग्यारी डोलमा पिछड़कर तीसरे स्थान पर ठहरी

निर्वासित तिब्बतियों का राष्ट्रपति बनने को Penpa Tsering-Kalsang Aukatsang में होगी फाइट, आधिकारिक घोषणा का इंतजार

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मैक्लोडगंज। निर्वासित तिब्बतियों (Exile Tibetan Election) का अगले पांच साल कौन नेतत्व करेगा, इसके लिए दो चेहरों के बीच फाइट होगी। निर्वासित तिब्बती संसद के चुनाव के पहले चरण (Preliminary Round) में जो रूझान सामने आए हैं, उससे पता चल रहा है कि संसद के पूर्व स्पीकर पेंपा सीरिंग (Former Speaker Penpa Tsering) व तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Tibet’s Exiled Spiritual leader the Dalai Lama) के पूर्व प्रतिनिधि केलसंग दोरजे औकातत्संग (Kalsang Dorjee Aukatsang) के बीच फाइनल मुकाबला होगा।

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हालांकि,अभी तक पहले चरण के आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं हुए हैं। बावजूद इसके आरएफए (RFA) द्वारा पुष्ट की गई रिपोर्ट बता रही है कि निर्वासित तिब्बती संसद के पूर्व स्पीकर पेंपा सीरिंग को पहले चरण में 23,687 मत मिले, जबकि केलसंग दोरजे औकातत्संग को 13,754 मत मिले है। इससे तय है कि फाइनल मुकाबला इन्हीं दोनों के बीच होगा। राष्ट्रपति बनने के पहले दौर में पूर्व में रही गृह मंत्री ग्यारी डोलमा (Gyari Dolma) पिछड़कर तीसरे स्थान पर रूक गई हैं। उन्हें 13,126 मत मिले। जबकि दिल्ली में तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के प्रतिनिधि डोंगचुंग नगोडुप 9,742 मतों के साथ चैथे स्थान पर रहे हैं।

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के चुनाव आयोग (Election Commission of Central Tibetan Administration) आठ फरवरी को पहले चरण के परिणाम की घोषणा करेगा। राष्ट्रपति यानि सिक्योंग (Sikyong) के प्रारंभिक चुनावों के शीर्ष दो सामने वाले प्रत्याशी अंतिम दौर के लिए चुनाव लड़ेंगे। अंतिम दौर (Final Round of Elections) के 11 अप्रैल को होने वाले चुनाव के नतीजे 14 मई को सामने आएंगे। याद रहे कि निर्वासित तिब्बती दुनियाभर में लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक अनोखा सेटअप कहलाता है। वर्ष 1959 में निर्वासन में चले आने के बाद भी ये लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाए हुए हैं।

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