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जज्बे को सलाम-Corona से जंग जीत फिर ड्यूटी पर डटे डॉ. सुशील

ड्यूटी ज्वाइन करते ही पहले दिन 90 लोगों के लिए सैंपल

जज्बे को सलाम-Corona से जंग जीत फिर ड्यूटी पर डटे डॉ. सुशील

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मंडी। स्वास्थ्य खंड पधर में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत सेवारत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुशील ठाकुर के जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है। डॉ. सुशील की ड्यूटी कोरोनाकाल में मानवता की सेवा को लेकर कोरोना (Corona) संक्रमण की जांच के लिए सैंपल लेने को लगाई गई है, जो अपनी जान की परवाह किए बगैर अब तक पांच हजार के करीब लोगों के कोरोना सैंपल ले चुके हैं। कोरोना काल में डॉ. सुशील ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का ना केवल निष्ठा से निभाया, बल्कि संक्रमितों के बीच रहकर जनसेवा का कार्य करते करते खुद संक्रमण की चपेट में आ गए। वायरस के खतरनाक लक्षण आने पर वह अस्वस्थ हो गए, लेकिन अब स्वस्थ होते ही डॉ. सुशील ठाकुर अपना कार्यभार संभाल फिर जनसेवा के लिए मैदान में उतर गए हैं।

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बीते दस मई को कधार पंचायत के सरी गांव में वृद्ध महिला की कोरोना से मौत हो जाने बाद स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीम अन्य लोगों के सैंपल लेने गांव पहुंची थी। जहां डॉ. सुशील ठाकुर ने 130 से भी अधिक लोगों के सैंपल लिए। इस दौरान अचानक तेज बुखार आने पर जब उन्होंने अपना सैंपल करवाया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। नियमानुसार खुद को होम क्वारंटाइन (Home Quarantine) कर लिया। खतरनाक संक्रमण की चपेट में आने से एक हफ्ता उनकी तबीयत बिगड़ी रही, जिसके बाद धीरे धीरे सेहत में सुधार हुआ। कोरोना से जंग लड़कर 17 दिन होम आइसोलेशन (Home Isolation) का पीरियड पूरा होते ही डॉ. सुशील ने सोमवार को फिर से अपना कार्यभार संभाल लिया। ड्यूटी (Duty) ज्वाइन करते ही सोमवार को फिर डॉ. सुशील ने जोगिंद्रनगर के बस्सी में कोरोना के साठ और पधर में तीस सैंपल लिए।


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डॉ. सुशील का कहना है कि  वायरस से लड़ने के लिए उन्होंने सकारात्मक ऊर्जा को अपने भीतर बनाए रखा। पहले दिन अकेलापन महसूस हुआ, क्योंकि हमेशा सैंपलिंग के कार्य में ही जुटे होते थे। धीरे-धीरे सेहत में सुधार होते ही पसंदीदा पुस्तकें पढ़ना शुरू किया। आहार में हाई प्रोटीन डाइट, तरल पदार्थ, फल, हरी सब्जियां, दूध, दही, मल्टी विटामिन का सेवन लगातार किया। दुर्भाग्य की बात यह है कि नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) के तहत नियुक्त डॉक्टरों को प्रदेश सरकार अब तक कोरोना वॉरियर्स की सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पाई है। ना ही कोई विशेष इंसेंटिव इस वर्ग को दिए जा रहे हैं। जबकि डॉ. सुशील स्वास्थ्य खंड में नहीं अपितु जिला में सबसे अधिक सैंपल लेने वाले पहले डॉक्टर हैं। जो जान की परवाह किए बगैर जनसेवा को लेकर फिर मैदान में उतर गए हैं। इससे पहले डॉ. सुशील चार बार कोविड केयर सेंटर (Covid Care Center) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जिला परिषद सदस्य रविकांत, पंचायत समिति चेयरमेन शीला ठाकुर और वायस चेयरमैन कृष्ण भोज ने उनके द्वारा पेश की गई जनसेवा की अटूट मिसाल की जमकर सराहना की है।

 

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