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लंबित योजनाओं को अगले साल तक हर हाल में करें पूरा

लंबित योजनाओं को अगले साल तक हर हाल में करें पूरा

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रिकांगपिओ। जनजातीय उपयोजना और सीमा क्षेत्र विकास योजना के तहत परियोजना सलाहाकार समिति की बैठक गुरुवार को कृषि जनजातीय एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डा. राम लाल मार्कंडेय (Dr. Ramlal Markanda) की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में जनजातीय उपयोजना के अंतगर्त 39.4 करोड़ व सीमा क्षेत्र विकास योजना 8.96 करोड़ और कुल कार्ययोजना बजट 48 करोड़ बजट की वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना अनुमोदन प्रदान किया। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष में चल रहे विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के कार्यों की प्रगति समीक्षा भी की।

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बैठक (meeting) में कृषि मंत्री ने लोक निर्माण विभाग द्वारा लियो वायपास सड़क के बनने देरी पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा इस रोड़ के कार्यों में तीव्रता लाई जाए। विभाग धीमी गति से कार्य कर रहा है, जोकि किसी भी सूरत में बर्दाशत नहीं होगा। वहीं मुद-भावा मार्ग के कार्य भी पिछले लंबे समय से धीमी गति से चला है। इस कार्य को करने में तेजी लाए। बैठक में सिंचाई विभाग की लंबित योजनाओं के बारे में समीक्षा करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जिन सिंचाई योजनाओं से अधिक से अधिक जनता को लाभ होना है उन्हें प्राथमिकता के आधार पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों की आय बढ़ सके। ग्रामीण विकास विभाग के आधीन पिछले कई सालों से लटकी योजनाओं एवं कार्यों को वर्ष 2020 में हर हाल में पूरा किया जाए।


मार्कंडेय ने कहा कि स्पीति क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों (developmental works) की समीक्षा की गई है। हर कार्य की प्रगति के बारे में संबंधित विभागों ने जानकारी रखी। हैरानी इस बात की है कि स्पीति में कई ऐसे कार्य है जोकि पिछले कई सालों से लंबित पड़े हैं, जिन्हें पूरा नहीं किया जा सका है। ऐसे कार्यों के बारे में बजट मुहैया करवाया जाएगा ताकि वित्तीय वर्ष 2020-21 में पूरा किया जाए। स्पीति में जो भवन पुराने हो चुके हैं उन्हें गिराया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही उपमंडल में जब तक विभागों के नाम पर अपनी भूमि नहीं होगी तब तक भवन निर्माण नहीं होना चाहिए। हर भवन की जिओ टैगिंग की जाए। विभाग उन्हीं योजनाओं को लिए बजट का प्रावधान करें जोकि फिजिवल हो।

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