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भविष्य में कागज दबाने से चार्ज होंगे Moblile Phone! अमरीकी तैयार कर रहे Technology

भविष्य में कागज दबाने से चार्ज होंगे Moblile Phone! अमरीकी तैयार कर रहे Technology

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इनसान को आजकर अपने पास मौजूद गैजेट्स में सबसे ज्यादा समस्या बैटरी (Battery) की सताती है। आप कहीं ट्रैवल कर रहे हों या फिर कहीं फंस गए हों और आपके फोन, ईयर बड्स में चार्चिंग (Charging) कम होने की चिंता हमेशा सताती है, लेकिन भविष्य में हो सकता है कि आपकी बैटरी से जुड़ी समस्याओं को वैज्ञानिक हल कर दें। इस पर काम भी चल रहा है। अमेरिका में वैज्ञानिकों (Scientists) ने ऐसा यंत्र बनाया है जो कागज (Paper) से बना है। खास बात यह है कि इसे दबाने से बिजली (Electricity) पैदा होती है।

अमेरिकी साइंटिस्ट का दावा कर रहे हैं कि इससे लोगों को ऊर्जा से संबंधित समस्याएं दूर हो जाएंगी। इससे आप अपना मोबाइल फोन, ईयर  बड्स और दूसरे छोटे गैजेट्स रिचार्ज कर सकते हैं। ये एमर्जेंसी में बहुत ही कारगर साबित होने वाला है। अब जानते हैं इस टेक्नोलॉजी के बारे में जिस पर अमरीकी वैज्ञानिक काम कर रहे हैं और ये किस तरह काम करता और अभी कितना सफर इस तकनीक को आप तक पहुंचने के लिए तय करना होगा।


आपने एक बात पर गौर किया हो गा कि आपके बाल स्वेटर से चिपक जाते हैं। इसके अलावा कई बार आप किसी चीज़ को छूते हैं तो तब आपको बिजली का झटका जैसा लगता है। दरअसल यह ये स्टेटिक ऊर्जा (Static Power) है। किसी सतह पर पॉजिटिव या नेगेटिव चार्ज जो विपरीत चार्ज के सामने आते ही बिजली पैदा करता है। वैज्ञानिकों ने ऐसा ही एक कागज का यंत्र बनाया है। इसे  लेजर से काटा गया है और फिर इस पर कंडक्टिव मटेरियल की कोटिंग की गई है।
इसलिए जब इस कागज को दबाया जाता है तो ये बिजली पैदा करता है। तकनीक की दुनिया में इसे कहते हैं ट्राइबोइलेक्ट्रिक इफेक्ट (Triboelectric Effect).  ट्राइबोइलेक्ट्रिसिटी को प्रयोग में लाने के लिए कई सालों से इस पर खोज की जा रही है। जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के इंजीनियर झॉन्ग लिन वॉन्ग बताते हैं उन्होंने ट्राइबोइलेक्ट्रिक जेनरेटर बनाया है। ट्राइबोइलेक्ट्रिक जेनरेटर एक तरह से कागज के ऐसे यंत्रों की टेक्नोलॉजी जिसका इस्तेमाल कहीं भी किया जा सके। कपड़ा पहनने से लेकर स्क्रीन छूने या हर उस कार्य में जहां से दबाव या घर्षण पैदा कर बिजली तैयार की जा सके।

इंजीनियर झॉन्ग लिन वॉन्ग  कहते हैं कि अगर किसी घर को ट्राइबोइलेक्ट्रिक जेनरेटर तकनीक से बनाया जाए तो इससे घर की खपत की आधी बिजली यहीं से तैयार की जा सकती है। झॉन्ग लिन वॉन्ग ने बताय कि इस छोटे से जेनरेटर वाली टेक्नोलॉजी का उपयोग कहीं किया जा सकता है। मैंने कागज का उपयोग इसलिए किया क्योंकि ये मेरे बचपन के खेल से जुड़ा था. इसे किरीगामी (Kirigami) कहते हैं। यानी पेपर को काटकर डिजाइन बनाना।

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