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सीजेआई पर आरोप: बैंस का एक और हलफनामा, 2 बजे फैसला सुना सकती है सुप्रीम कोर्ट

सीजेआई पर आरोप: बैंस का एक और हलफनामा, 2 बजे फैसला सुना सकती है सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस (सीजेआई) रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) पर लगे यौन उत्पीड़न (Sexual Exploitation) के मामले में गुरुवार को वकील उत्सव बैंस (Utsav Bains) ने एक और हलफनामा दाखिल किया। बैंस ने कहा कि वे इस हलफनामे के जरिए वे कोर्ट को यह बताना चाहते हैं कि इस पूरे मामले में कोई जज या उनका रिश्तेदार असर डालने वालों में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद दोपहर 2 बजे फैसला सुनाने की बात कही है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हमारे पास दस्तावेजों का निरीक्षण करने का अधिकार है। विशेषाधिकार वाले दस्तावेजों पर अटॉर्नी जनरल (Attorney General) अपना कानूनी तर्क दें। इस पर अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट स्टाफ की नियुक्ति और व्यवहार के नियम बताए। अटार्नी जनरल ने कहा कि कोर्ट की नौकरी से निलंबित कर्मचारियों ने वकील से सम्पर्क किया था और वो प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत करना चाहते थे।


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कौन था अजय ?

साक्ष्य अधिनियम कहता है कि कोई वकील बिना उसके मुव्वकिल की इजाजत कम्युनिकेशन को नहीं बता सकता, लेकिन यहां तो कोई मुव्वकिल नहीं है। इस मामले में साक्ष्य अधिनियम की धारा 126 लागू नहीं हो सकती। CRPC के सेक्शन 90 के मुताबिक कोर्ट को अगर जरूरी लगता है तो वो दस्तावेज मंगवा सकता है। केके वेणुगोपाल ने कहा कि उत्सव के हलफ़नामे के मुताबिक, अजय उनके पास आता है और कहा है कि वो उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए 50 लाख रुपये देगा। उत्सव बैंस के हलफनामे के अनुसार अजय क्लाइंट नहीं था, लेकिन कौन था ये नहीं पता चला।

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उत्सव की विश्वसनीयता की भी पड़ताल हो

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह (Indira Jaisingh) ने अपनी दलील में कहा कि यौन उत्पीड़न का आरोप तो पहले ही नकारा गया है जिसकी जांच होनी है। चूंकि साथ ही साजिश का भी मुद्दा जुड़ा है, लिहाज़ा दोनों मामलों की जांच एक साथ होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि दोनों मामलों की जांच हो रही है। फिक्सर आसपास खुलेआम घूम रहे हैं। न्यायपालिका (Judiciary) की साख पर बट्टा लगाने की मंशा से वकीलों से सम्पर्क कर रहे हैं। ये ज़्यादा गम्भीर है। इंदिरा जयसिंह ने कहा कि बिना स्टिकर की गाड़ी सुप्रीम कोर्ट पार्किंग में कैसे आई? जांच कराई जाए। उत्सव के विश्वसनीयता की भी पड़ताल हो।

इंदिरा जयसिंह ने पूछा यह सवाल

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने ट्विटर पर लिखा, क्या सुप्रीम कोर्ट वकील उत्सव बैंस के हलफनामे की विश्वसनीयता की जांच करेगा? क्या वो (उत्सव बैंस) यह शपथ पत्र दाखिल करेंगे कि उनके पास इस विवाद में शामिल किसी व्यक्ति के साथ कोई संबंध नहीं है और जिरह के लिए तैयार होंगे?


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