×

एक दिन आतंकवाद के विरोध में …

एक दिन आतंकवाद के विरोध में …

- Advertisement -

आतंकवाद सभ्य समाज और मानवता के लिए एक कलंक है। आतंकवाद किसी भी देश/क्षेत्र की आंतरिक स्थिरता तोड़ना और उसके सतत विकास को रोकना चाहता हैं। वह अपने विचार रूपी आन्दोलन को बढ़ाना चाहता हैं, इस आंदोलन के रास्ते में जो भी आए वह उसे हटाने की कोशिश करता हैं, यह शासन को प्रतिक्रिया दिखाने के लिए उकसाता हैं।
हमारे देश में स्व. राजीव गांधी के सम्मान और उनको श्रद्धांजलि देने के लिए 21 मई का दिन आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसी दिन देश के पूर्व  प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरुंबुदूर में हत्या कर दी गई थी। उस वक्त राजीव गांधी चुनाव प्रचार के सिलसिले में श्रीपेरुंबुदूर गए हुए थे। वे वहां एक आमसभा को  संबोधित करने जा ही रहे थे कि उनका स्वागत करने के लिए रास्ते में बहुत सारे प्रशंसक उन्हें फूलों की  माला पहना रहे थे। इसी मौके का फायदा उठाते हुए लिट्टे के आतंकवादियों ने इस घटना को अंजाम दिया था, जिसमें राजीव गांधी की मौत हो गई थी।
इस दिन सभी शिक्षा संस्थानों में आतंकवाद और हिं‍सा के खतरों पर परि‍चर्चा, वाद-वि‍वाद, संगोष्ठी, सेमीनार आदि का आयोजन कि‍या जाता है ताकि नई पीढ़ी इस दुर्भावना से मुक्त रहे। सच्चाई यह है कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता। भारत ने जिस तरह के आतंकवाद को झेला है उसमें तरह-तरह के धर्मों का पालन करने वाले रहे हैं। आतंकवादी वास्तव में अपने धर्म की मूल भावना से हटा हुआ व्यक्ति होता है, वह धार्मिक नहीं होता। यह अलग बात है कि ज़्यादातर आतंकवादी अपने धर्म के हवाले से ही वारदात करते हैं। कुछ देशों में तो सत्ता का मालिक ही आतंक को सरकारी हथियार या पड़ोसी देश में अस्थिरता फैलाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
हर आतंकवादी आतंक के जरिए अपनी बात मनवा लेने के लिए हिंसा का सहारा लेता है और उसको विचारधारा के रूप में प्रचारित करता है। दुर्भाग्य की बात यह है कि आतंकवाद अपने आप में एक राजनीतिक विचारधारा बनती जा रही है। इसे हर हाल में रोकना होगा। जहां तक भारत का सवाल है, उसने अब तक आतंकवाद की राजनीति के चलते बहुत नुकसान उठाया है। जरूरी है कि हर आदमी इस बात को समझे कि आतंकवाद में शामिल होकर या उसे सहमति देकर वह अपनी कितनी ही आगामी पीढ़ियों का नुकसान कर लेगा।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है