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पश्चिम बंगाल-असम-केरल-तमिलनाडु-पुडुचेरी में चुनाव का ऐलान, पढ़ें पूरी तारीखें

पश्चिम बंगाल-असम-केरल-तमिलनाडु-पुडुचेरी में चुनाव का ऐलान, पढ़ें पूरी तारीखें

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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा (Chief Election Commissioner Sunil Arora) ने पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और असम में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना वायरस चुनौती के बीच चुनावों के लिए हमने मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। अरोड़ा ने कहा कि इन चुनावों के दौरान कुल 824 विधानसभा सीटों (Assembly Seats) पर मतदान होगा। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर 18.68 करोड़ लोग अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में एक ही चरण में 6 अप्रैल को चुनाव होंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 8 चरणों में चुनाव होंगे, जबकि असम में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। सभी के नतीजे एक साथ दो मई को नतीजे आएंगे। 27 मार्च को पहली वोटिंग और 29 अप्रैल को अंतिम चरण की वोटिंग होगी।


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असम में तीन चरणों में चुनाव
असम में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव का आयोजन होगा। असम में पहले चरण का मतदान 27 मार्च को होगा। इसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख नौ मार्च और नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 10 मार्च होगी। दूसरे चरण में मतदान पहली अप्रैल को 39 सीटों पर होगा। इसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख 12 मार्च और नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 17 मार्च होगी। तीसरे चरण में छह अप्रैल को 40 सीटों पर मतदान का किया होगा। इसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख 19 मार्च और नामांकन वापसी 22 मार्च तक होगी।

केलर-तमिलनाडु-पुडुचेरी
तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक चरण में चुनाव होगा। तमिलनाडु में 6 अप्रैल को वोटिंग। कन्याकुमारी लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी 6 अप्रैल को वोटिंग। पुदुचेरी में भी एक चरण में चुनाव 12 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 6 अप्रैल को वोटिंग होगी। केरल में सिंगल फेज में 6 अप्रैल को चुनाव होगा। 12 मार्च से नामांकन दाखिल होंगे। 22 मार्च तक पर्चा वापस लिया जा सकेगा और 6 अप्रैल को वोटिंग

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा (West Bengal Legislative Assembly Election) की 294 सीटे हैं। मौजूदा समय में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के 211 विधायक हैं। पश्चिम बंगाल के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां 44, लेफ्ट ने 32 तो बीजेपी ने मात्र तीन सीटें जीतीं थीं। पश्चिम बंगाल में बहुमत के लिए 148 सीटों किसी भी पार्टी को चाहिए। हालांकि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच ही देखा जा रहा है।

असम में सीटों का गणित
असम में विधानसभा (Assam Legislative Assembly Election) की 126 सीट हैं। यहां बीजेपी की सरकार है। बीजेपी के पास मौजूदा समय में 60 विधायक हैं। इसके अलावा कांग्रेस यहां 26 सीट पर काबिज है। इस समय बीजेपी के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ही असम की कमान संभाल रहे हैं। आपको बता दें कि 2001 से असम में 15 साल तक कांग्रेस सत्ता थी। कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव में यहां एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा (एमएल) और आंचलिक गण मोर्चा (एजीएम) के साथ महागठबंधन किया है।

तमिलनाडु में विधानसभा सीटें
तमिलनाडु में विधानसभा (Tamil Nadu Legislative Assembly) की कुल 234 सीटे हैं। यहां सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के 136 विधायक हैं। इसके अलावा डीएमके के पास 89, कांग्रेस के पास सात और इंडियन मुस्लिम लीग के पांच विधायक हैं। इस समय ईडापड्डी पलानीस्वामी सीएम हैं। यहां बीजेपी और एआईएडीएमके ने गठबंधन किया है।

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केरल में है लेफ्ट की सरकार
केरल विधानसभा (Kerala Legislative Assembly) में 141 सीटे हैं। इसमें से 140 निर्वाचित और एक सीट नामित होती है। इस समय यहां पिनराई विजयन के नेतृत्व में लेफ्ट सत्ता पर काबिज है। विधानसभा में सत्तारूढ़ एलडीएफ के 91 विधायक, यूडीएफ के 47 विधायक, एनडीए का एक और केजेएस का एक विधायक है।

पुडुचेरी में कितनी सीटें

पुडुचेरी (Puducherry Election) में पिछले हफ्ते कांग्रेस की सरकार गिरी है और यहां राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। पहले वी नारायणसामी के नेतृत्व में कांग्रेस और डीएमके गठबंधन की सरकार थी। इस केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा के लिए 30 सदस्य निर्वाचित होते हैं। इसके अलावा तीन सदस्यों को नामित किया जाता है। विधानसभा भंग होने से पहले यहां कांग्रेस के 15 विधायक थे। इसके अलावा आल इंडिया एनआर कांग्रेस के आठ, एआईएडीएमके के चार और अन्नाद्रमुक के पास चार विधायक थे। यहां बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए।

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