Covid-19 Update

2,06,832
मामले (हिमाचल)
2,01,773
मरीज ठीक हुए
3,511
मौत
31,810,782
मामले (भारत)
201,005,476
मामले (दुनिया)
×

टूटी आस: अब कभी प्रीणी नहीं आएगा भारत का रत्न ‘अटल’

टूटी आस: अब कभी प्रीणी नहीं आएगा भारत का रत्न ‘अटल’

- Advertisement -

कुल्लू। ‘मौत से ठन गई, जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यूं लगा जिंदगी से बड़ी हो गई। मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं’? आज एक महान राजनेता व एक कवि जिंदगी की जंग हार गया। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने एम्स में अंतिम सांस ली। ऐसे में आज रुंधे गले से उनकी उक्त कविता गुनगुनाने का मन कर रहा है। जोकि उनकी यादगार कविताओं में से एक है। हिमाचल से भी अटल बिहारी वाजपेयी का गहरा नाता रहा है।

वह हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते थे। इसी के चलते उन्होंने कुल्लू के प्रीणी में अपना घर बनाया। जब भी मौका मिलता था तो वह प्रीणी जरूर आते थे और यहां समय बिताते थे। अटल बिहारी वाजपेयी आखिरी बार 2006 में प्रीणी आए थे। उसके बाद तबीयत खराब होने के चलते वह यहां नहीं आ पाए और अब शायद भारत का यह अटल कभी प्रीणी आ पाए। लेकिन, यहां उनके साथ जुड़ी यादें हमेशा जीवत रहेंगी। प्रीणी में हर साल उनके जन्मदिवस पर यज्ञ का आयोजन होता है। उन्होंने हिमाचल के पहाड़ी इलाकों के सौंदर्य पर कविताएं भी लिखी हैं।


अटल जी को था हिमाचाल से काफी प्यार, किए थे ये उपकार, जानें सबकुछ

शाइनिंग इंडिया अभियान की सफलता के बाद जब अटल जी मनाली पहुंचे तब एव अपने प्रीणी स्थित अपने घर आने पर हमेशा की तरह स्कूली बच्चों से मिले। इस दौरान बच्चों ने अटल जी के सामने अपनी कुछ मांगें रखीं। जिसके बाद उन्होंने बच्चों को 15 हजार रुपए देते हुए कहा कि अभी इतने ही हैं, क्योंकि हाल ही तुम्हारे ‘मामा की नौकरी चली गई है। अटल जी का नाता प्राकृतिक सौंदर्य के चलते तो था ही लेकिन रंजन भट्टाचार्य से बेटी की शादी होने के बाद ये रिश्ता और प्रगाढ़ हुआ।

बता दें कि रंजन भट्टाचार्य हिमाचली हैं। दरअसल रंजन के माता- पिता डाक्टर होने के कारण कई साल हिमाचल में रहे। उनके पास बोनाफाइड हिमाचली प्रमाणपत्र भी था। अटल जी जब प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार कुल्लू आए थे तब उन्होंने ढालपुर में हुई रैली में हिमाचल को 100 करोड़ का स्पेशल ग्रांट देने की घोषणा की थी।

जिसके बाद अटल जी की दूसरी रैली शिमला के रिज मैदान पर हुई थी जहां पर उन्होंने दोबारा से 100 करोड़ का स्पेशल ग्रांट दे दिया था। वहीं पार्वती विद्युत परियोजना का शिलान्यास करने के लिए अटल जी 1999 में कुल्लू के मणिकर्ण आए थे। उस दौरान धूमल मुख्यमंत्री थे जो उन्हें रिसीव कर चंडीगढ़ से कुल्लू लाए। इस दौरान उन्होंने आग्रह किया था कि अगर 400 करोड़ का पैकेज मिल जाए तो बड़ी मदद होगी। हालांकि उन्होंने मंच से ये मांग नहीं रखी थी। जिसके बाद हुई प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने 400 करोड़ रुपये देने का ऐलान कर दिया था।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है