Covid-19 Update

2,05,061
मामले (हिमाचल)
2,00,704
मरीज ठीक हुए
3,498
मौत
31,396,300
मामले (भारत)
194,663,924
मामले (दुनिया)
×

एसटीपी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने बोला हल्ला, उग्र आंदोलन के चेताया

एसटीपी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने बोला हल्ला, उग्र आंदोलन के चेताया

- Advertisement -

लेखराज धरटा/शिमला। एसटीपी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय यूएस क्लब शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया। श्रम कानूनों व मार्च 2017 के समझौते को लागू न किए जाने पर विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही अप्रैल 2018 से बढ़े 450 प्रतिमाह वेतन के बकाया का तुरंत भुगतान किए जाने की मांग भी की। मांग की गई कि मजदूरों के 33 लाख रुपए की बकाया ईपीएफ राशि को जल्द उनके खाते में जमा किया जाए।

यह भी पढ़ें  :  हिमाचल के 737 बिजली प्रोजेक्ट्स को कारण बताओ नोटिस


मजदूरों को पहचान पत्र, ड्रेस व छुट्टियां दी जाएं। इस दौरान मजदूर अपनी मांगों को लेकर प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी धर्मेंद्र गिल के कार्यालय में कई घंटों तक डेरा जमाकर बैठे रहे। यूनियन ने प्रबंधन को चेताया है कि मजदूरों की मांगें अगर शीघ्र पूर्ण न हुईं तो आंदोलन तेज होगा।

प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बाबू राम, यूनियन अध्यक्ष दलीप कुमार, महासचिव मदन लाल, धनेश, धर्म सिंह, मनोज, भारत भूषण, राकेश, क्षितिज, रवीश, द्रौपदी, रीना, कल्पना, सीमा, केशव, सुरेंद्र, गीता राम, उजागर, पवन, अंकुश, विक्रम, युगल, हितेश, राजेश, केवल व योगेश नेगी आदि शामिल रहे। सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बाबू राम, यूनियन अध्यक्ष दलीप कुमार व महासचिव मदन लाल ने संबोधित किया।

नाहन तहसील को बंदरों की वर्मिन सूची में शामिल करने पर भड़के

नाहन। हिमाचल किसान सभा ने नाहन तहसील को वर्मिन सूची में शामिल न करने पर सरकार की घेराबंदी की है। किसान सभा ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि नाहन शहर के अलावा तहसील के विभिन्न गांवों में उत्पाती बंदरों ने काफी आतंक मचाया है। बावजूद इसके भी सरकार ने नाहन तहसील को बंदरों की वर्मिन सूची में शामिल नहीं किया है। इसको लेकर तहसील के किसानों व ग्रामीणों में भी रोष व्याप्त है। मंगलवार को हिमाचल किसान सभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी सिरमौर के माध्यम से वन मंत्री को ज्ञापन भेजा।

सभा के सचिव बलदेव सिंह, विश्वनाथ शर्मा, इंद्र कंवर, राजेंद्र शर्मा, राजेंद्र ठाकुर, अमिता, सचिन, महेंद्रों व लाल सिंह आदि ने कहा कि भारत सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिसूचना पत्र में 14 फरवरी को प्रदेश की 169 तहसीलों व 91 उपतहसीलों में बंदरों को पीड़क जंतु घोषित किया गया है, लेकिन हैरानी की बात है कि नाहन तहसील के ग्रामीण व शहरी इलाके को इसमें शामिल नहीं किया गया है। जबकि नाहन शहर में हर रोज कोई न कोई दुर्घटना महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के साथ घटित होती हैं।

हिमाचल अभी अभी की मोबाइल एप अपडेट करने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है