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त्योहार का सीजन है…. मिठाई खरीदने से पहले जरा सोचें

त्योहार का सीजन है…. मिठाई खरीदने से पहले जरा सोचें

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मिलावटी मिठाई आपकी सेहत के लिए धीमा जहर

नितेश सैनी/सुंदरनगर। त्योहारी सीजन शुरू होते ही बाजार तरह-तरह की मिठाइयों से सज जाते हैं। हर दुकान पर आपको रंग-बिरंगी मिठाई देखने को मिल जाएंगी। क्या आप जानते हैं कि यही मिठाई आपकी सेहत के लिए धीमा जहर है। यह पेट में संक्रमण के साथ त्वचा रोगों का कारण बन सकती है। सभी शहरों व कस्बों में इन दिनों जगह-जगह मिठाइयों बनाने का क्रम अभी से जारी हो गया है। जाहिर है इन दिनों मिठाइयों की मांग भी खूब रहती है। इस मांग  को पूरा करने और ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई दुकान वाले मिलावटी मिठाइयां बेचना शुरू कर देते हैं। जिसे खाने पर सेहत संबंधी कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर मिलावटी मिठाइयां दिखने में तो वैसी ही होती है, लेकिन ये सेहत के लिए खतरनाक होती है। जानकारी के अभाव में हमें यह पता भी नहीं चलता कि कौन सी मिठाई असली है और कौन सी मिठाई नकली। हम आप को बताते है कि किस कैमिकल से क्या नुकसान हो सकता है।

किस कलर केमिकल का क्या नुकसान

औरामिन : सामान्य तौर पर गहरे पीले कलर की मिठाइयों में यह कलर मिलाया जाता है। इसकी सबसे खास पहचान भी यही है। औरामिन शरीर की ग्रोथ रोकने के साथ ही लीवर व किडनी को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल कुछ खास किस्म के फूड प्रोडक्ट बनाने में ही किया जाता है।
मेटानिल येलो : इस कलर का इस्तेमाल लड्डू से लेकर जलेबी, बिरयानी में किया जाता है। इसका पेट, किडनी व लीवर पर सबसे ‘यादा नुकसान होता है। जिससे पेट में इंफेक्शन के साथ ही शरीर में एलर्जी व यूरिन इंफेक्शन भी हो सकता है।
रोडामाइन : मिठाइयों व कुछ खास किस्म के खाद्य पदार्थों को आकर्षक व चमकीला बनाने के लिए इस कलर का इस्तेमाल किया जाता है। जो शरीर में रेड ब्लड सेल्स को ब्रेक करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम करता चला जाता है।
लेड क्रोमेट :- इस कलर का इस्तेमाल कर बनाई जानी वाली मिठाइयों में गहरा येलो कलर दिखाई देता है, जो हमारे शरीर को काफी नुकसान पहुंचाता है। फूड प्वाइजनिंग, पेट में दर्द से लेकर न्यूरोलॉजिकल समस्यायें भी इस कलर की मिठाइयों लगातार खाने से खड़ी हो जाती है।

असली-नकली मिठाई की ऐसे करें जांच

असली-नकली मिठाई का पता करने के लिए आप दो मिठाइयों के अलग-अलग सैंपल लें और दोनों को अलग-अलग बाउल में गर्म पानी में डालें। इसके बाद अलग-अलग रंग के आयोडीन लें और इन मिठाई वाले बाउल में डाल दें। अगर गर्म पानी वाले बाउल में मिठाई घुलकर रंग बदलती है तो इसका मतलब मिठाई मिलावटी है और अगर रंग वैसा का वैसा ही रहता है तो मिठाई बिल्कुल ठीक है।

रंग वाली मिठाई की ऐसे करें जांच

दिवाली के अवसर पर रंग वाली मिठाई भी बाजारों में खूब दिखाई देती हैं। कई मिठाइयों में ‘यादा रंग होता है, तो वो देखते ही पहचान में आ जाती है, क्योंकि उनका रंग चटक लाल होता है, लेकिन सबसे ‘यादा मिलावटी रंग का खतरा पिस्ते की मिठाई में होता है। अगर लड्डू आदि का रंग बिल्कुल अलग लगे तो उसे लेने से बचे। वहीं थोड़ी सी मिठाई को दबाकर देखें और देखें कि रंग हाथ में तो नहीं लग रहा है और अगर आपके हाथ में रंग लग रहा है तो समझिए उसमें रंग मिला हुआ है। इसलिए जो मिठाई हल्के रंग की है तो वो ठीक है।
त्योहारी सीजन में रंग युक्त मिठाई खाने से परहेज करने में ही समझदारी है। रंग युक्त मिठाइयां देखने में आकर्षक लगती है लेकिन ये सेहत के लिए खतरनाक होती है।
डॉ. अविनाश  बीएमओ रोहांडा (सुंदरनगर)


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