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Himachal के एक परिवार को वरदान बनी आयुष्मान योजना, बीमार हुए तीन लोगों को दी नई जिंदगी

अनु कुमार के परिवार के इलाज में खर्च हुआ करीब साढ़े तीन लाखए सरकार ने मुफ्त किया इलाज

Himachal के एक परिवार को वरदान बनी आयुष्मान योजना, बीमार हुए तीन लोगों को दी नई जिंदगी

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आनी। बीमारी छोटी हो या गंभीर इलाज करवाने में अक्षम और गरीब लोगों पर भारी पड़ती है। एक ओर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है तो दूसरी ओर लोगों की थोड़ी बहुत जमा पूंजी भी इलाज में खर्च हो जाती है। ऐसे परिवारों को इलाज के खर्च से बचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आयुष्मान योजना (Ayushman scheme) “प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना” का सपना देखा और उसे धरातल पर उतारा। योजना जन जन तक पहुंचकर गरीबों, अक्षम लोगों और योजना के तहत पात्र लोगों का इलाज मुफ्त (Free Treatment) में कर रही है। यह योजना कुल्लू जिला के आनी के एक परिवार के लिए वरदान साबित हुई है। आनी के खोबड़ा निवासी अनु कुमार के परिवार में एक या दो नहीं बल्कि तीन लोगों को गंभीर बीमारी ने घेर लिया, जिनके इलाज में यह योजना वरदान सिद्ध हुई। दुर्भाग्यवश कैंसर के रोगी अनु के पिता बुधराम जिंदगी से हार गए। उनके इलाज पर करीब 2 लाख रुपए खर्च हुआ। इसी तरह माता फूलमा देवी भी कैंसर से जूझ रही हैं, उनके इलाज पर करीब 1 लाख रुपए खर्च हुआ। बेटे की दुर्घटना के कारण पैर की दो अंगुलियां गंवानी पड़ी और इलाज के लिए करीब 50 हजार रुपए खर्च हुआ।

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आयुषमान योजना से हुआ परिवार का मुफ्त इलाज

अनु कुमार के परिवार को एक के बाद एक सामने आई इस मुसीबत को पार पाना चुनौतीपूर्ण था। परिवार के एक साथ तीन लोग बीमार होने के कारण पूरा परिवार (Family) चिंता में था। इस बीच परिवार के लिए जो सबसे बड़ा सहारा बनी वो थी आयुष्मान योजना। इस योजना के तहत परिवार के तीनों बीमार लोगों का इलाज मुफ्त हुआ और इस पर आया पूरा खर्च (करीब साढ़े तीन लाख) सरकार (Gvot) ने वहन किया।


पीएम मोदी का जताया आभार, जयराम ठाकुर को भी कहा धन्यवाद

अनु कुमार का कहना है कि केंसर की बीमारी के कारण पिता को नहीं बचाया जा सका, लेकिन माता-पिता और बेटे के इलाज पर जो खर्च सरकार ने उठाया, उसके लिए वह पीएम नरेंद्र मोदी के हमेशा आभारी रहेंगे। उनका कहना है कि इस योजना से हुए इलाज के कारण आज उनकी माता और बेटे को नई जिंदगी मिली है। इस योजना को जन जन तक पहुंचाने के लिए अनु कुमार ने सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) का भी धन्यवाद किया। अनु कुमार का कहना है कि इस तरह की कल्याणकारी योजना को जयराम सभी पात्र लोगों तक पहुंचाएं ताकि गरीब लोगों का इलाज मुफ्त में हो सके।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ

गरीब, वंचित ग्रामीण, शहरी श्रमिक और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर शहरी परिवार इस योजना के पात्र हैं। इस योजना में आप खुद कोशिश कर शामिल नहीं हो सकते, लेकिन 2011 में की गई सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (SECC-2011) के डेटाबेस में जिन व्यक्तियों के नाम मौजूद हैं, वे स्वंय प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र हैं। उन्हें ही इसका फायदा मिलेगा।

इन लोगों को मिलता है लाभ

ग्रामीण क्षेत्र में कोई तभी इसमें कवर होगा, जब उसका मकान कच्चा हो, परिवार की मुखिया महिला हो या व्यक्ति दिव्यांग हो या वह अनुसूचित जाति व जनजाति से हो, भूमिहीन व्यक्ति, दिहाड़ी मजदूर हो, वह बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी या कानूनी रूप से मुक्त बंधुआ मजदूर हो। शहरी क्षेत्र में कोई तभी इसमें कवर होगा, अगर वह भिखारी, कूड़ा बीनने वाला, घरेलू कामकाज करने वाला हो या रेहड़ी-पटरी वाला, फेरी वाला हों या प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर हो या सिक्योरिटी गार्ड, कुली, सफाईकर्मी, टेलर हो या ड्राइवर, रिक्शाचालक, दुकान पर काम करने वाला हो

फोन पर भी कर सकते हैं पूछताछ

अगर आप इस स्कीम के दायरे में आते हैं तो आपको अपनी पात्रता जांचनी होगी। अपनी पात्रता ऑनलाइन या ऑफलाइन (Online or offline) दोनों तरह से जांच सकते हैं। सबसे पहले अपने पास आधार नंबर और राशन कार्ड नंबर लिखकर रखें। अब अपने मोबाइल से 14555 या 1800111565 नंबर डायल करें। ये नंबर आयुष्मान हेल्पलाइन (Ayushman Helpline) से जुड़े हैं और इन पर हफ्ते के सातों दिन दिन-रात कभी भी बात कर सकते हैं। इन नंबरों पर आप लाभार्थी हैं या नहींए यह पूछ सकते हैं। इसके लिए आपसे आपका मोबाइल नंबर या आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर आदि पूछा जा सकता है। इसके बाद आपको जानकारी दे दी जाएगी।

अस्पताल में भर्ती होने पर मिलता है लाभ

इस योजना के दायरे में आने वाले परिवार देश के किसी भी सरकारी अस्पताल या पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पताल (Hospital) में हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज पा सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक होता है।

 

 

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