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फैसलाः कॉलेज में Students-Teachers के मोबाइल Ban

फैसलाः कॉलेज में Students-Teachers के मोबाइल Ban

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Mobile Phone Ban : शिमला। प्रदेश के कॉलेजों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लग गया है। यहीं नहीं छात्रों के साथ-साथ अब शिक्षक भी सेल फोन नहीं ले जा सकेंगे। इसके साथ ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स के प्रयोग पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। शिमला में हुई कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ हुई बैठक में प्रधान शिक्षा सचिव आरडी धीमान ने यह आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग की दलील है कि कॉलेजों में तकनीक और वाई-फाई की सुविधा का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके चलते यह फैसला लिया गया है। उधर, विद्यार्थियों के पढ़ाई पर ध्यान देने और परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। बैठक में कहा गया कि यदि कोई विद्यार्थी या फिर शिक्षक क्लासरूम में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कहा गया कि मोबाइल साथ होने पर शिक्षक भी अपना समय इस पर बर्बाद कर रहे हैं और इसका असर पढ़ाई पर पड़ता है। वहीं विद्यार्थी भी पढ़ाई पर कम और मोबाइल पर ज्यादा समय बिताते हैं। इसका असर पढ़ाई पर पड़ता है। इसलिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया है।

मोबाइल फोन इस्तेमाल के लिए अलग से जगह

बैठक में फैसला लिया गया कि कॉलेजों में मोबाइल फोन प्रयोग करने के लिए अलग से स्थान दिया जाएगा। वहीं शिक्षक भी अपना फोन सिर्फ स्टाफ रूम में इस्तेमाल कर पाएंगे। शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों कई कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान पाया गया था कि विद्यार्थी और शिक्षक मोबाइल फोन पर व्यस्त रहते हैं। इसे देखते हुए यह कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में सोशल साइट्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है। इसके साथ-साथ क्लासरूम में मोबाइल फोन के प्रयोग पर भी रोक लगा दी है।

रूसा प्रणाली को लेकर हुई चर्चा

बैठक में प्रधान सचिव आरडी धीमान के साथ-साथ उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ बीएन विंटा और कॉलेजों के प्रिंसिपल भी मौजूद थे। बैठक में रूसा प्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई और कई प्रिंसिपलों ने इस सिस्टम से हो रही परेशानियों के बारे में अपनी बात रखी। प्रिंसिपलों ने कहा कि इस सिस्टम को सही रूप में लागू ही नहीं किया जा रहा है और ऐसे में शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी दिक्कत हो रही है। विषय पूरे नहीं हैं और कंबीनेशन की भी दिक्कत है। इसके साथ-साथ इस सिस्टम से शिक्षकों पर कार्य का बोझ भी बढ़ा है। इस बैठक में प्रिंसिपलों ने प्रधान सचिव से कहा कि रूसा सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है, क्योंकि बार-बार नई.नई अधिसूचनाएं जारी होने से छात्रों को समझ ही नहीं आता कि वे कौन सा विषय पढ़ेंगे और कौन सा नहीं।

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