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पार्किंग शुल्कः बाजार बंद रहा, जुलूस निकाला, मंगलवार तक का अल्टीमेटम

पार्किंग शुल्कः बाजार बंद रहा, जुलूस निकाला, मंगलवार तक का अल्टीमेटम

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कांगड़ा। मिनी सचिवालय कांगड़ा की पार्किंग शुल्क के विरोध में आज सुबह 11 बजे तक बाजार बंद रखा गया। इससे पहले कांगड़ा नगर परिषद कार्यालय के बाहर भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हुई व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी लगाते हुए एसडीएम ऑफिस पहुंच गई। यहां पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। वहां पहुंचकर व्यापारियों-बार एसोसिएशन व स्थानीय लोगों ने प्रशासन हाय-हाय की नारेबाजी की। संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुज गर्ग ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार तक पार्किंग शुल्क खत्म नहीं किया गया तो चक्का जाम कर दिया जाएगा।

kng2इससे पहले बीते कल ही मिनी सचिवालय में पार्किंग शुल्क के विरोध में कांगड़ा के वकीलों को स्थानीय व्यापारियों का भी सहयोग मिल गया था। इससे पहले बार एसोसिएशन के प्रधान अमन गुलेरिया ने चेतावनी दी थी कि अगर पार्किंग शुल्क को बंद न किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा अलबत्ता अगले दस दिन तक राजस्व विभाग से संबंधित केसों में कांगड़ा के वकील पैरवी नहीं करेंगे। गुलेरिया का कहना है कि मिनी सचिवालय में आम जनमानस अपने कार्यों को लेकर तथा एसडीएम व तहसील कार्यालय में फरियाद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन पार्किंग शुल्क की लूट ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि यह पब्लिक ऑफिस है। लिहाजा यहां पार्किंग शुल्क लेने का कोई औचित्य नहीं है।  उधर, आमजन का कहना है कि मिनी सचिवालय में रोजाना सैकड़ों लोग विभिन्न कार्यालयों में सरकारी कामकाज निपटाने के लिए आते हैंए उनमें पार्किंग शुल्क वसूलना गलत है।

धक्का-मुक्की, नारेबाजी, बहसबाजी

मिनी सचिवालय कांगड़ा की पार्किंग शुल्क का विरोध बुधवार को उग्र हो गया। बार एसोसिएशन कांगड़ा को व्यापारियों का समर्थन मिलते ही यह लड़ाई एसडीएम कार्यालय कांगड़ा के द्वार तक पहुंच गई।  वहां, गुस्साई भीड़ को देखकर एसडीएम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बहाने अपने कार्यालय में नहीं आई। जिसके चलते गुस्साए वकीलों, व्यापारियों, ठेकेदारों ने तहसीलदार को ज्ञापन देना चाहा पर जब वह भी बाहर नहीं आए तो स्थिति बेकाबू हो उठी।

kangra-1अंततः तहसीलदार ने पुलिस को जैसे ही बुलाया तो मामला धक्का-मुक्की, बहसबाजी व नारेबाजी में बदल गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए जोर-जबरदस्ती की तो तहसीलदार से भी बहसबाजी हो गई। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने एसडीएम कार्यालय के मुख्य गेट पर कांगड़ा प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए, साथ ही पार्किंग शुल्क को एसडीएम कांगड़ा का तुगलकी फरमान बताना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें किसी तरह से एसडीएम कार्यालय के गेट से बाहर खदेड़ दिया। इससे पहले आज सुबह मिनी सचिवालय में पार्किंग शुल्क के विरोध में कांगड़ा के वकीलों को स्थानीय व्यापारियों का भी सहयोग मिल गया। आज सुबह ही बार एसोसिएशन में अधिवक्ताओं के साथ-साथ व्यापारी व ठेकेदार भी इक्टठा हुए और निर्णय लिया कि इसके विरोध में एसडीएम कार्यालय जाकर ज्ञापन देंगे। जब यह लोग इक्टठा होकर एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे तो पता चला कि वह बैठक में गई हुई हैं।

इंतजार करने के बाद बैठक से तहसीलदार तो लौट आए पर एसडीएम नहीं आई। शुल्क हटाने की मांग करने वालों ने जब तहसीलदार को ज्ञापन देना चाहा तो उन्होंने पहले मिलने से इनकार किया फिर पुलिस को बुला लिया। उसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई। इस प्रदर्शन में प्रमुख तौर पर बार एसोसिएशन के प्रधान अमन गुलेरिया, संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुज गर्ग, व्यापार मंडल कांगड़ा के उपाध्यक्ष मनीष शर्मा, विशाल शर्मा, रवि शंकर व प्रिंस गर्ग प्रमुख तौर पर मौजूद थे। इससे पहले बार एसोसिएशन के प्रधान अमन गुलेरिया ने चेतावनी दी थी कि अगर पार्किंग शुल्क को बंद न किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अलबत्ता अगले दस दिन तक राजस्व विभाग से संबंधित केसों में कांगड़ा के वकील पैरवी नहीं करेंगे। गुलेरिया का कहना है कि मिनी सचिवालय में आम जनमानस अपने कार्यों को लेकर तथा एसडीएम व तहसील कार्यालय में फरियाद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन पार्किंग शुल्क की लूट ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि यह पब्लिक आफिस है। लिहाजा यहां पार्किंग शुल्क लेने का कोई औचित्य नहीं है।  उधर, आमजन का कहना है कि मिनी सचिवालय में रोजाना सैकड़ों लोग विभिन्न कार्यालयों में सरकारी कामकाज निपटाने के लिए आते हैंए उनमें पार्किंग शुल्क वसूलना गलत है। 

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कहां गए 21 लाख, हो जांच
मिनी सचिवालय कांगड़ा में पेड पार्किंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके लिए 25 सदस्यीय कांगड़ा बचाओ समिति का गठन भी कर लिया गया है। समिति का अध्यक्ष अमन गुलेरिया को चुना गया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांगड़ा बचाओ समिति के अध्यक्ष अमन गुलेरिया ने कहा कि मिनी सचिवालय में लोगों को पेड पार्किंग की सुविधा के नाम पर असुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी प्रशासन ने मिनी सचिवालय की पार्किंग को ठेके पर देने की योजना बनाई थी, उस समय 31 लाख रुपए का टेंडर हुआ था, लेकिन विरोध के बाद प्रशासन ने हाथ खींच लिए। अब इस पेड पार्किंग को 10 लाख में दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकि के 21 लाख कहां गए। अमन गुलेरिया ने कहा कि इसमें घोटाले की बू भी आ रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांगड़ा प्रशासन ने तुगलकी फरमान जारी कर इस पेड पार्किंग बना दिया और सरकार मूकदर्शक बनकर बैठी है।

kangraमिनी सचिवालय पार्किंग मामले में घोटाले का आरोप
उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास पैसे नहीं है तो विधायकों को दी जानी वाली सुविधाओं के लिए पैसा कहां से आ रहा है। मिनी सचिवालय में कई ऑफिस हैं और यहां पर आए दिन लोगों का आना जाना लगा रहता है, लेकिन उन्हें वाहन पार्क करने के लिए पर्ची कटवानी पड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के अन्य मिनी सचिवालयों में ऐसी व्यवस्था नहीं है, लेकिन कांगड़ा में नई परंपरा प्रशासन ने डाली है। कांगड़ा बचाओ समिति के अध्यक्ष अमन गुलेरिया ने कहा कि समिति के 25 सदस्यीय अगामी रणनीति की योजना बनाएंगे। अगर इसके लिए आंदोलन भी करना पड़े तो भी गुरेज नहीं करेंगे। अगर सीएम का घेराव भी करना पड़े, वो भी करेंगे। वहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिनी सचिवालय के सामने पब्लिक पार्किंग में भी ठेकेदार के लोग वहां पार्क वाहनों की पर्चियां काटते हैं, जोकि सरासर गलत है। वहीं तहसीलदार प्रेम लाल शर्मा का कहना है कि समिति ने उन्हें ज्ञापन सौंपा है और ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दिया जाएगा।

 

https://youtu.be/CnRWzLrFwGU

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