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रक्त चंदनः त्‍वचा की समस्‍याओं के लिए भी उपयोगी

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चंदन की महक मन को शांति और सुकून से भर देती है। हालांकि बहुत कम लोगों को लाल चंदन के बारे में जानकारी होती है। लाल चंदन गुणों में सफेद चंदन से अधिक लाभकारी होता है। इसकी प्रकृति ठंडी होती है और यह सूजन और जलन को नष्‍ट करने में मदद करता है। इसके अलावा लाल चंदन के उपयोग से मानसिक शांति मिलती है। यह त्‍वचा की समस्‍याओं के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

जली त्‍वचा पर छाला बन जाता है। अगर जलने के कारण छाला फूटकर घाव बन गया है तो उस स्‍थान पर लाल चंदन घिसकर लगाने से कुछ ही समय में घाव भर जाता है तथा जलने का निशान भी नहीं पड़ता । ऐसा चंदन में कीटाणुनाशक और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण होता है। यह आपकी त्वचा को प्रभावी रूप से आराम प्रदान करने वाला अनोखा और प्राकृतिक तरीका है। बॉडी ऑयल के साथ भी लाल चंदन मिलाकर त्वचा के रैशेस दूर करने के लिए इसका प्रयोग कर सकते हैं।

लाल चंदन में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो आसानी से आपकी त्वचा की झुर्रियों को दूर करते हैं। इसमें त्वचा को डिटॉक्‍स करने के अलावा उम्र के निशान छिपाने के गुण भी होते हैं। रूखी त्वचा की समस्‍या पुरुषों और महिलाओं दोनों की हो सकती है। रूखी त्‍वचा से बचने के लिए दूध और शहद, लाल चंदन का मिश्रण अपने चेहरे पर लगाएं। और 20 मिनट के बाद पानी से इसे धो लें। इसका पाउडर त्वचा की टोन में सुधार करने के लिए मालिश के तेल में मिलाया जा सकता है।गर्मियों में साबुन का प्रयोग करने की बजाय आप लाल चंदन के पाउडर से बने पेस्‍ट को अपने शरीर पर प्रयोग कर सकते हैं। इससे काफी आराम मिलेगा। इस मौसम में जिन बैक्‍टीरिया के शरीर पर हमला करने की संभावना होती है, वे सब लाल चंदन के चमत्कारी प्रभाव से समाप्त हो जाते हैं। साबुन इस्तेमाल करने का एक कारण खुशबू पैदा करना और शरीर की बदबू को दूर भगाना है। लाल चंदन में भी बदबू भगाने के गुण मौजूद होते हैं।

गर्मी के मौसम में पसीना तो आता ही है, लेकिन अगर आपको बहुत ज्‍यादा पसीना आता है और शरीर से दुर्गंध भी आती है, तो लाल चंदन पाउडर में पानी मिला कर बदन पर लगाने से पसीना कम होगा। इससे आप घंटों तक खुद को तरोताजा महसूस कर सकते हैं।

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