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भोरंज उपचुनाव : Virbhadra से ज्यादा Dhumal के लिए जीत अहम !

भोरंज उपचुनाव : Virbhadra से ज्यादा Dhumal के लिए जीत अहम !

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prem kumar dhumal : बीजेपी में नेतृत्व को लेकर अंदरखाते चल रही खींचतान

prem kumar dhumal : शिमला। हमीरपुर जिले के भोरंज विधानसभा हलके का हो रहा उपचुनाव कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए अहम है। विधानसभा के चुनाव से पहले हो रहे इस उपचुनाव में जिस दल की भी जीत होती है, उसे निश्चित तौर पर मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलेगी, लेकिन नेता के तौर पर देखा जाए तो इस सीट पर जीत वीरभद्र सिंह से ज्यादा प्रेमकुमार धूमल के लिए अहम है। हमीरपुर नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल का गृह जिला है और भोरंज विधानसभा हलके में धूमल की घर भी पड़ता है। इसके साथ-साथ बीजेपी के भीतर नेतृत्व को लेकर भी अंदरखाते खींचतान चली है। ऐसे में धूमल को पार्टी हाईकमान के पास खुद को भी साबित करना है इसलिए बीजेपी इस सीट को भारी से भारी मतों से जीतना चाहती है और तभी धूमल ने इस सीट पर अपनी पूरी ताकत लगा रखी थी।

जी-जान से जुटे अनुराग-अरुण

धूमल के साथ-साथ उनके सांसद पुत्र अनुराग ठाकुर और उनके छोटे बेटे अरुण धूमल ने भी खूब पसीना बहाया। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि धूमल यदि इस सीट को भारी अंतर से जीतते हैं तो उनके लिए आगे को सुखद स्थिति होगी, लेकिन यदि जीत का अंतर काफी कम हो जाता है तो बीजेपी में दूसरा खेमा और सक्रिय होकर उनके लिए अड़चन पैदा कर सकता है। धूमल भी इस बात को समझते हैं और तभी उन्होंने अपनी पूरी टीम को वहां झोंक रखा था और खुद प्रचार पर नजर रखे हुए थे। उधर, कांग्रेस की बात करें तो उनके लिए यहां खोने को खास कुछ नहीं हैं।


एक तो यह उपचुनाव पांचवें वर्ष में हो रहा है और इस सीट पर बीजेपी लगातार जीतती रही है। ऊपर से यह नेता प्रतिपक्ष के गृह जिले की सीट है और भोरंज सीट पर कांग्रेस लगातार छह चुनाव हार चुकी है। यहां पर कांग्रेस ने टिकट को लेकर भी कई ट्रायल किए हैं। वहीं, इस सीट पर कांग्रेस की गुटबाजी भी बहुत है।

खेमों में बंटी कांग्रेस यहां कभी भी बीजेपी को कड़ी टक्कर नहीं दे पाई। इससे बीजेपी को हमेशा लाभ मिला है। वहीं, सीएम वीरभद्र सिंह के लिए यह अहम है कि सत्ता में रहते हुए यदि वे सीट निकाल लेते हैं तो वे धूमल और बीजेपी के खिलाफ और आक्रामक हो जाएंगे और यदि इस सीट पर हार का अंतर भी कम कर देते हैं तो भी वह धूमल के खिलाफ मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। वैसे, भोरंज सीट पर इस बार समीकरण दोनों तरफ बदले हैं। कांग्रेस और बीजेपी दोनों के बागी खड़े हुए हैं और ये बागी किसे कितना नुकसान पहुंचा पाते हैं, इस पर भी काफी कुछ निर्भर करता है, लेकिन राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह चुनाव धूमल की आगे कुछ माह बाद की राजनीति को भी तय करेगा।

यदि सीट पर अच्छे अंतर से बीजेपी जीतती है तो इसका लाभ धूमल को मिलना तय है, क्योंकि फिर वे लोग भी खास कुछ नहीं कह पाएंगे जो उनके स्थान पर किसी दूसरे में आगे की राह तलाश रहे हैं। ऐसे में यह चुनाव नेता प्रतिपक्ष धूमल के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं।

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