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Record Voting : कांग्रेस मान रही जनाधार, BJP ने बताया सत्ता विरोधी रुझान

Record Voting : कांग्रेस मान रही जनाधार, BJP ने बताया सत्ता विरोधी रुझान

शिमला। हिमाचल विधानसभा के चुनाव में इस बार हुई रिकार्ड वोटिंग को दोनों राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं।मतदान के बाद एक तरफ जहां कांग्रेस इसे अपने लिए जनादेश मान रही है, तो वहीं सत्ता में वापसी की राह देख रही बीजेपी इसे सत्ता विरोधी रूझान बता रही है, लेकिन सबका भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है और इसका पता 18 दिसंबर को चलेगा कि किसके लिए इतना भारी मतदान हुआ है, लेकिन इसे लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं। इस चुनाव में कुल मिलाकर 75 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है और कई हलकों में मतदान का आंकड़ा 80 फीसदी के पार पहुंचा है। इस आंकड़े ने विधानसभा हलकों में उम्मीदवारों की अग्नि परीक्षा को सामने रखा है और सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने समर्थकों को निकालकर पोलिंग बूथ तक पहुंचाया है। इसका नतीजा यह रहा है कि मतदान में बढ़ोतरी हुई है।

जनता ने नोटबंदी-जीएसटी के खिलाफ किया वोट

उधर, राजनीतिक दल इस मतदान को अपने-अपने पक्ष में आंक रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक जनादेश राज्य सरकार के विकास को मिला है और केंद्र की जनविरोधी नीतियों और नोटबंदी, रोजगार न दे पाने और जीएसटी के खिलाफ दिया है। पार्टी का दावा है कि राज्य में उनकी सरकार रिपीट होगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि मतदान राज्य की कांग्रेस की विकास की नीतियों को पड़ा है और केंद्र सरकार के खिलाफ पड़ा है। उनका कहना था कि लोग पीएम मोदी की जुमलेबाजी सुन सुन कर तंग हो चुके हैं और मोदी द्वारा किए गए रोजगार देने के वादे के पूरा न होने के खिलाफ मतदान हुआ है। इसके साथ-साथ नोटबंदी और फिर जीएसटी के कारण लोगों पर पड़ी महंगाई की मार और रोजगार छीनने की मार भी मत के जरिए बीजेपी पर पड़ेगी।

अब तक के न्यूनतम आंकड़े पर सिमटेगी कांग्रेस

वहीं, बीजेपी इस मतदान को सत्ता विरोधी रुझान मान रही है। उसका मानना है कि भारी मतदान हमेशा सत्ता के खिलाफ जनादेश होता है और यहां भी यह यही संकेत दे रहा है। बीजेपी तो इसे कांग्रेस की बड़ी हार करार दे रही है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा कि राज्य के सभी चुनाव क्षेत्रों में उनकी पार्टी को भारी जनसमर्थन मिलता दिखा है। इससे लगता है कि इस बार कांग्रेस विधानसभा में अपने अब तक के न्यूनतम आंकड़े पर सिमट जाएगी। उनका कहना था कि मतदाताओं में पीएम नरेंद्र मोदी की विकास की नीतियों और बीजेपी के स्वर्णिम हिमाचल दृष्टिपत्र के प्रति विश्वास की वजह से ही वे बड़ी संख्या में उनके पक्ष में वोट डालने को आगे आए। धर्माणी ने कहा कि 18 दिसम्बर को लोगों की इच्छाओं के अनुरूप प्रदेश में प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में सरकार बनेगी और प्रदेश को एक बार फिर स्वच्छ और विकाश देने वाली सरकार सत्ता में आएगी।

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