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CM को Bindal की चुनौतीः कर लो खुली बहस, हो जाएगा दूध का दूध…

CM को Bindal की चुनौतीः कर लो खुली बहस, हो जाएगा दूध का दूध…

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नाहन। प्रमुख प्रवक्ता बीजेपी एवं विधायक नाहन डॉ. राजीव बिंदल ने सीएम वीरभद्र सिंह को खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि विकास के मुद्दे पर वे नाहन में एक ही मंच से खुली बहस को तैयार हैं, फिर जनता तय कर लेगी की कौन सही है और कौन गलत है। सीएम वीरभद्र सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि यदि मैं नाहन के लिए बाहरी विधायक हूं तो वीरभद्र सिंह शिमला ग्रामीण के लिए बाहरी विधायक हैं, क्योंकि वे रोहडू-रामपुर छोड़ कर शिमला ग्रामीण में चुनाव लड़ने आए। रोहडू और रामपुर दोनों विधानसभा क्षेत्र आज भी सड़कों से पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं से महरूम हैं, जहां पर वीरभद्र ने सदैव राज किया।


  • बोले, अगर मैं नाहन के लिए बाहरी हूं तो सीएम शिमला ग्रामीण के लिए बाहरी
  • रोहडू व रामपुर विस क्षेत्र आज भी सड़कों व सिंचाई योजनाओं से महरूम

जिला सिरमौर यदि पिछड़ा है, यहां पर सड़कें नहीं हैं, पुल नहीं हैं, पेयजल की हाहाकार है, रोजगार नहीं है, टूरिज्म नहीं है, शिक्षा एवं स्वास्थ्य में पिछड़ापन है तो उसके लिए जिम्मेवार केवल सीएम हैं । क्योंकि ये 6 बार प्रदेश के सीएम रहे हैं और जिला सिरमौर से झोली भर-भर के वोट कांग्रेस पार्टी के लिए जनता देती रही, परन्तु कांग्रेस ने सिर्फ वोट के लिए और जनता को पिछड़ा हुआ रखा। उन्होंने कहा कि जहां तक मेरा, सुरेश कश्यप व  बलदेव तोमर का सवाल है, हमें तो जनता ने सिरमौर से पहली बार मौका दिया है और हमने लगातार संघर्ष करके जनता की आवाज को बुलंद किया है। जनता की सड़क-बिजली-पानी-रोजगार की आवाज को हर स्तर पर उठाया है । डॉ. बिंदल ने कहा कि आज जिन सात पुलों का शिलान्यास हो रहा है, वह हमारे संघर्ष का परिणाम है। हमने लगातार धरने-प्रदर्शन, भूख-हड़तालें, पद-यात्राएं करते हुए अधिकारियों पर डीपीआर बनाने का दबाव बनाया और इन सात पुलों में से केवल एक पुल स्टेट फंड से बनाया जाएगा। शेष सभी पुल केंद्र के पैसे से या नाबार्ड के पैसे से विधायक प्राथमिकता के अंतर्गत बनाए जा रह हैं।  डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि सीएम छठी बार सीएम बन कर अपनी छठी सरकार के आखिरी साल में इन पुलों का शिलान्यास कर रहे हैं, यदि वीरभद्र को ही यह पुल बनाने थे तो वे पहली पांच बार में क्यों नहीं बनाएं। वीरभद्र व कांग्रेस पार्टी सदा ही विकास को रोकती रही है। इन पुलों में भी भारी रूकावटें डाली गई, आज भी मझाड़ा का पुल, बाता का फतेहपुर-गुलाबगढ़ का पुल, कून नैहरला का पुल कांग्रेस की नालायकी से लटके हुए हैं।

डॉ. बिन्दल ने स्मरण कराया कि उन्होंने 13 पुलों के निर्माण के लिए संघर्ष जारी किया था, जिसमें से 10 पुलों का का निर्माण कार्य शुरू हो गया है शेष 3 पुलों का निर्माण करवा कर ही रहेंगे। डॉ. बिंदल ने कहा कि क्योंकि सीएम जनता में हमारे साथ मंच सांझा नहीं करना चाहते, इसलिए विधायक होते हुए भी सरकारी कार्यक्रमों में निमंत्रण भेजना भी गवारा नहीं है और हारे हुए नेताओं को सरकारी गाड़ियों एवं लाल, नीली बत्तियां देकर प्रदेश की सरकार पर करोड़ों रुपये का बोझ डाल कर साथ में घुमाया जा रहा है।

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