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Smart City में सिर्फ Transfers हुए और कुछ नहीं

Smart City में सिर्फ Transfers हुए और कुछ नहीं

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धर्मशाला। नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी धर्मशाला में बड़े-बड़े काम होने के सपने जनता को दिखाए गए थे, लेकिन निगम के आयुक्त और स्मार्ट सिटी के सीईओ बदलने के सिवा अभी तक और कोई काम नहीं हुआ है। कांग्रेस के स्थानीय विधायक और प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और तो कुछ नहीं कर पाए, लेकिन आए दिन अधिकारियों को बदलने में लगे हुए हैं।


  • बीजेपी मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा का आरोप, आयुक्त बदलने से नहीं होगा विकास

इससे ऐसा लग रहा है कि वह अपनी नाकामी का ठीकरा प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों पर फोड़ रहे हैं और जनता को एक बार फिर से धोखा देने का प्रयास कर रहे हैं। यह आरोप बीजेपी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा ने लगाए हैं। राकेश शर्मा का कहना है कि निगम की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी एक साल नहीं हुआ है और सरकार ने तीन नगर निगम आयुक्तों का तबादला करके अब चौथा आयुक्त धर्मशाला में बिठाया है। 

यह धर्मशाला की जनता के साथ-साथ प्रदेश के अधिकारियों के साथ भी भद्दा मजाक है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर बीजेपी जनता को गुमराह करने और अधिकारियों को प्रताड़ित करने की बात करती आई है और नगर निगम धर्मशाला में लगातार हो रहे तबादले भी इसकी पुष्टि करते हैं। राकेश शर्मा ने कहा कि लगातार हो रहे तबादलों से जहां नगर निगम की कार्यप्रणाली अस्थिर हो रही है, वहीं केंद्र सरकार द्वारा दिए गए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम भी प्रभावित हो रहा है। अब जबकि कांग्रेसी यह ढिंढोरा पीट रहे हैं कि नगर निगम में नई लाइटें लगी हैं तो इसमें भी जनता को सिर्फ गुमराह करने का प्रयास मात्र किया गया है और कुछ नहीं। शहरी विकास मंत्री ने स्मार्ट सिटी के लिहाज से स्मार्ट पोल लगाने की बात की थी लेकिन पुराने खम्भों पर नई लाइटें लगाकर इसका अब श्रेय लिया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि जिन लाइटों को लगाने का श्रेय कांग्रेसी और निगम के कुछ पार्षद ले रहे हैं, वह उस समय का प्रोजेक्ट है जब धर्मशाला नगर परिषद हुआ करता था।

राकेश शर्मा ने कहा कि नगर निगम के तहत अब भी कोई नया काम शुरू नहीं किया गया है और कुछ ऐसा ही हाल स्मार्ट सिटी का भी है। दोनों ही मामलों में कोरी बयानबाजी की जा रही है और धरातल पर कुछ भी नहीं है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए पैसे का जमकर दुरूपयोग हो रहा है। यहां तक की प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से का पूरा पैसा भी इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए नहीं दिया है। मोनो रेल, स्काई बस और रोप-वे बनने के सपने आज भी धर्मशाला की जनता को दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि जनता अब इन कागजी वादों से ऊब चुकी है। निगम के पार्षद और स्थानीय मंत्री को लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है। इस खिलवाड़ का जवाब जनता इन्हें आगामी चुनावों में देगी।

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