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चेहरे पर राजनीतिक चमक ले बैठक में पहुंचे राकेश

चेहरे पर राजनीतिक चमक ले बैठक में पहुंचे राकेश

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ऊना। बीजेपी में कभी नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल के हनुमान कहे जाने वाले राकेश पठानिया आज जब पार्टी की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे तो उनके चेहरे पर एक अलग सी राजनीतिक चमक थी।

  • संसदीय चुनावों से लेकर अब जाकर कहीं राकेश को पार्टी में जमीन हासिल हो पाई है। राकेश ने हिमाचल अभी अभी से बातचीत में कहा कि वह पहले भी पार्टी के लिए जी-जान से काम करते आए हैं,आगे भी उसी तरह करते रहेंगे।

उनका कहना था कि यूं तो वह संसदीय चुनावों के वक्त ही पार्टी में वापस लौट आए थे पर कारणवश उन्हें कार्यसमिति में जगह नहीं मिल सकी थी,अब मिल गई है, इसके लिए मैं पार्टी नेतत्व का आभारी हूं।

पार्टी नेतत्व का जताया आभार
खैर कुछ भी हो राकेश ने पार्टी की मुख्यधारा में वापसी कर इस बात का अहसास करवा दिया है कि चाहे वह आज धूमल से बहुत दूर हो चुके हैं पर पार्टी को आज भी उनकी उतनी ही जरूरत है।

  • मसलन नूरपुर की राजनीति में अब राकेश पठानिया के लिए खेलने के वास्ते बहुत कुछ मिल गया है। इससे पहले तक उन्हें स्थानीय बीजेपी में भी अलग-थलग ही रखा
    हुआ था।

अब कार्यसमिति में पहुंचकर राकेश एक तरफ यहां नूरपुर की बीजेपी राजनीति में ऊपर की तरफ चले गए हैं वहीं, प्रदेश में नड्डा कैंप के मजबूत सिपाही के तौर पर भी पहचाने जाने लगे हैं।

meshwar-and-pathania11महेश्वर, रूप सिंह, राकेश सहित पांच बीजेपी कार्यसमिति में

ऊना। बीजेपी कार्यसमिति की बैठक से पहले आज हुई प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में पांच पुराने पार्टी नेताओं को कार्यसमिति में शामिल करने का बड़ा फैसला हुआ है। इनमें कुल्लू सदर से विधायक महेश्वर सिंह का नाम सबसे उपर आता है। यह वहीं महेश्वर सिंह हैं जो बीते विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बया-बाय कर अपनी हिलोपा का गठन कर बैठे थे। यही नहीं विधानसभा चुनावों में हिलोपा का कहीं ना कहीं बीजेपी को नुकसान भी उठाना पड़ा था। खैर बीते दिनों उनकी बीजेपी में वापसी के बाद अब उन्हें पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बनाने का फैसला हुआ है। इसी तरह नूरपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले राकेश पठानिया की यूं तो पार्टी में वापसी संसदीय चुनाव के वक्त ही हो गई थी,पर उन्हें सम्मानजनक तरीके से पार्टी में एडजस्ट नहीं किया जा रहा था।आज उनके नाम पर भी पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में मुहर लग गई। अब वह भी पार्टी की कार्यसमिति के सदस्य होंगे।

bjp-leaderसुंदरनगर से रूप सिंह ठाकुर के साथ भी इसी तरह की स्थिति थी, वापसी तो उनकी पार्टी में हो चुकी थी पर कार्यसमिति में उन्हें भी अब लिया गया है। इसी कड़ी में एक चर्चित नाम आता है, खुशी राम बालनहाटा का। कभी महेश्वर सिंह की हिलोपा का दामन थाम बीजेपी को बाय-बाय करने वाले बालनहाटा यूं तो महेश्वर सिंह से पहले ही पार्टी में वापस आ गए थे, पर पार्टी ने उन्हें भी अब जाकर कार्यसमिति का सदस्य बनाया है। इसी तरह एक नाम ओर है वह है महंत चौधरी का, उन्हें भी पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में कार्यसमिति का सदस्य बनाए जाने पर सहमति बनी है। इस तरह यह पांचों अब पार्टी की चार व पांच अक्तूबर को होने वाली कार्यसमिति की बैठक में भाग लेंगे। इसके लिए इन्हें पार्टी ने सूचना मुहैया करवा दी है। क्योंकि इन्हें कल सुबह ही इसके लिए ऊना पहुंचना है। बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने इस बात की पुष्टि की है।

naddaनड्डा ने मनवाया लोहा, अपनों को कार्यसमिति में डलवाया

ऊना। बीजेपी में अमित शाह के बाद ताकतवर बनकर उभरे जगत प्रकाश नड्डा ने प्रदेश के पार्टी प्लेटफार्म पर भी अपने मोहरे फिट करवा ही लिए। पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले पदाधिकारियों की बैठक में जिस तरह नूरपुर के पूर्व विधायक राकेश पठानिया को कार्यसमिति में शामिल करने पर सहमति बनी उससे कई बातें साफ हो गई हैं। यह वही राकेश पठानिया हैं जो कभी नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल के खासमखास लोगों में शुमार थे, वक्त ने पलटी मारी नड्डा दिल्ली में ताकतवर हुए और राकेश उनके पाले में फिट हो गए। राकेश ने ही नड्डा के डलहौजी बैठक से पहले नूरपुर में जाते-जाते जबरदस्त स्वागत करवाया था, उसके बाद से वह धूमल कैंप में आंख की किरकिरी बने हुए थे।

  • कभी धूमल के खासमखास लोगों में शुमार रहने वाले राकेश पठानिया ने पलटी मारी
  • नड्डा दिल्ली में ताकतवर हुए और राकेश उनके पाले में फिट हो गए

nadda1खैर राकेश अकेला नाम नहीं है, पार्टी में बड़ा नाम तो अब महेश्वर सिंह का भी आता है। उनकी भी वापसी वाया नड्डा ही पार्टी में हुई है। देखा जाए तो उन्हें भी नड्डा की ही बदौलत कार्यसमिति में लिया गया है, क्योंकि राजनीति बीजेपी के भीतर अब शुरू होने वाली है। इसी तरह अगर खुशी राम बालनहाटा की बात करें तो वह तो बीजेपी में वापस ही वाया शांता कुमार आए थे। शांता कैंप को बीजेपी में आज की तारीख में नड्डा कैंप का ही हिस्सा माना जाता है। अब इसमें बचते सुंदरनगर से रूप सिंह ठाकुर हैं, वह धूमल कैंप से ताल्लुक रखते आए हैं, इसके अलावा बल्ह से महंत चौधरी बीच की राजनीति का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि प्रदेश कार्यसमिति की कल से शुरू होने वाली बैठक से पहले बीजेपी में नड्डा कैंप की बिसात बिछ गई है। इसमें कोई दोराय नहीं कि आने वाले दिनों में अब निशाने पर निशाना होगा।

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