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सुंदरनगर कॉलेज में 43 वर्ष बाद भी नहीं मिली ब्वॉयज हॉस्टल की सुविधा

सुंदरनगर कॉलेज में 43 वर्ष बाद भी नहीं मिली ब्वॉयज हॉस्टल की सुविधा

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सुंदरनगर। प्रदेश के बड़े कालेजों में शुमार सुंदरनगर का महाराजा लक्ष्मण सेन मैमोरियल कॉलेज में छात्रों को अभी तक हॉस्टल सुविधा नहीं मिल पाई है। इस कारण कॉलेज में पढ़ने वाले दूरदराज व जनजातीय क्षेत्रों के छात्रों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन छात्रों को अभिवावकों की जेब ढीली कर प्राइवेट पीजी व किराए के कमरे में रहने पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर विभिन्न माध्यमों से बार-बार कालेज प्रबंधन को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन इस समस्या को लेकर आजदिन तक कॉलेज प्रबंधन ने अपनी आंखें बंद कर इतिश्री कर ली है।


43 वर्षों में नहीं मिल पाई छात्रों को हास्टल सुविधा :

महाराजा लक्ष्मण सेन मैमोरियल कॉलेज सुंदरनगर की शुरुआत वर्ष 1976 में सुकेत रियासत के राजा ललित सेन ने महाराजा ललित सेन ट्रस्ट के एकमात्र ट्रस्टी के रूप में की गई थी। अब इस कालेज की बागडोर राजघराने के डॉ.हरिसेन के हाथों में है। वहीं एनएएसी के मानकों के अनुसार कालेज को ‘बी’ श्रेणी भी प्राप्त होने के बाद भी छात्रों को आजदिन तक हॉस्टल सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।



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एमएलएसएम कालेज सुंदरनगर में पहले विवेकानंद छात्र हॉस्टल के नाम पर छात्रों को सुविधा उपलब्ध करवाई जाती थी। लेकिन लगभग 17 वर्ष पहले इसे भी बंद कर प्रबंधन द्वारा कालेज के छात्रों को हास्टल सुविधा से महरूम कर दिया गया। वर्तमान में विवेकानंद छात्र हास्टल की तुलना भूतिया भवन से की जा सकती है। इस भवन की हालत इतनी खराब है कि दीवारों पर दरारें व फर्श पर दरारें आम देखे जा सकते हैं।


विद्यार्थी परिषद की सुंदरनगर इकाई के अध्यक्ष रूपेंद्र ने कहा कि छात्रवास के अभाव की समस्या को लेकर कॉलेज के प्रधानाचार्य व विधायक राकेश जंवाल को ज्ञापन देकर इस समस्या से अवगत करवाया है। उन्होंने कहा कि बेशक विधायक व प्रबंधन द्वारा जल्द ही छात्रावास बनाने का आस्वासन भी दिया है। लेकिन आजदिन तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है और पिछले लगभग 43 वर्ष के बाद भी कॉलेज के छात्रो को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाई है जिस कारण मंहगाई के इस दौर में छात्रों को मंहगे किराए के कमरे ले कर रहना पड़ रहा है।
कॉलेज में पहले ब्वायज होस्टल मौजूद था। अब यह बंद हो चुका है। कालेज में लड़कियों संख्या 75 प्रतिशत है। फिलहाल 120 लड़कियों के लिए गर्ल्स हास्टल की व्यवस्था है और इसको बढ़ाने की भी योजना है। ब्वायज होस्टल बनाने के लिए प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक राकेश जम्वाल से बात की जाएंगी।

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