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रिश्वत का आरोपी आरटीओ 12 तक ज्यूडिशियल रिमांड पर

रिश्वत का आरोपी आरटीओ 12 तक ज्यूडिशियल रिमांड पर

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  • सोलन कोर्ट ने सुनाया फैसला, 20 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था आरोपी

Bribery Case : सोलन। परवाणू में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए सोलन के आरटीओ एमएल मेहता को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। वहां से  अदालत ने मेहता को 12 अप्रैल तक ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया । डीएसपी विजिलेंस सोलन श्वेता ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। ग़ौरतलब है कि जि़ला सोलन विजिलेंस की एक टीम ने मंगलवार देर रात आरटीओ सोलन एमएल मेहता को 20 हज़ार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था। यह रिश्वत एक बस का रूट चेंज करने की एवज़ में ली जा रही थी।

इस मामले में बुधवार को जि़ला सोलन विजिलेंस की टीम ने उनके परवाणू स्थित आवास पर भी चैकिंग की थी। विजिलेंस विभाग द्वारा तीन दिन पूर्व जिला के परवाणू में 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए आरटीओ सोलन डॉ मोहन लाल मेहता को वर्ष 2010 में भी हमीरपुर में विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा गया था। इस घटना के बाद भी इस अधिकारी ने कोई सबक नहीं लिया। हालांकि उस दौरान वहां के निजी बस ऑपरेटरों ने इस रिश्वतखोर अधिकारी को ईमानदार ऑफिसर करार देते हुए इसके पक्ष में उतर आए थे।


पहले भी ले चुका है रिश्वत
जानकारी के मुताबिक गत मंगलवार रात परवाणू में 20 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार सोलन के आरटीओ डॉ मोहन लाल मेहता की कारगुजारियों की परतें एक बार फिर उखडऩी शुरू हो गई है। अब सेवानिवृत्ति की दहलीज पर खड़े इस अधिकारी ने वर्ष 2010 में भी इसी पद पर रहते हुए हमीरपुर में दो ट्रक मालिकों से 10 हजार रुपए की रिश्वत ली थी। उस समय भी डॉ मेहता आरटीओ के पद पर तैनात थे। आरटीओ के पद पर रहते मेहता ने कांगड़ा जा रहे दो ट्रकों को 13 जनवरी, 2010 में जब्त किया था। ट्रक मालिकों से रिश्वत की मांग की गई थी।  ट्रक के मालिक राजेश जसवाल ने उस समय विजीलेंस के डीजीपी से सीधा संपर्क साधकर आरटीओ डॉ मोहन लाल मेहता की शिकायत की थी।

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इसके बाद विभाग की टीम ने रिश्वत लेते हुए आरटीओ को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान 25 हजार रुपए की रिश्वत 10 हजार रुपए में सैटल हुई थी। हालांकि इस मामले के स्टेट्स का नहीं पता चला है, लेकिन बताया जा रहा है कि मामले में आरटीओ साहब दोषमुक्त हो गए थे। सोलन में इस पद पर डॉ मेहता 7 अगस्त, 2015 से तैनात थे। अब ताजा घटनाक्रम में परवाणू में एक बस ऑरपेटर से 20 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरटीओ सोलन को संस्पेड़ कर दिया गया है। फिलहाल डॉ मेहता को अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। अब पुलिस भी मामले से जुड़े कई मुद्दों पर गिरफ्तार आरटीओ से गहन पूछताछ कर रही है।

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