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Budget Session : लैंटाना के खात्मे को अभी लगेंगे 20 Year

Budget Session : लैंटाना के खात्मे को अभी लगेंगे 20 Year

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शिमला। प्रदेश की भूमि पर फैले लैंटाना को मिटाने में अभी 20 साल और लगेंगे। प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक डॉ राजीव बिंदल के सवाल का जवाब देते हुए वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने यह कहा। उन्होंने कहा कि राज्य में वन भूमि में 235492 हेक्टेयर क्षेत्र में लैंटाना फैला है और इसके उन्मूलन पर 4 वर्ष में इस पर 82.52 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

  • प्रश्नकाल के दौरान डॉ बिंदल के सवाल पर भरमौरी ने दिया जवाब
  • राज्य 235492 हेक्टेयर वन भूमि पर फैला है लैंटाना

बीजेपी सदस्य डॉ राजीव बिंदल ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि वन और निजी भूमि पर फैल रहा लैंटाना रोग भयानक रूप ले रहा है और अगले 20 वर्ष में राज्य की 75 फीसदी जमीन लैंटाना से ग्रस्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि और वन भूमि पर लैंटाना का अटैक है।


डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि वन विभाग लैंटाना के उन्मूलन पर गंभीर नहीं है और केवल उपर से काटा जा रहा है और जड़ों को नहीं उखाड़ा जा रहा। उन्होंने कहा कि विभाग ने वहां नए पौधे भी नहीं लगाए। उन्होंने इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर हो रहा है। उन्होंने इसकी जांच की मांग की। इस बीच, बीजेपी सदस्य इंद्र सिंह ने जानना चाहा कि निजी भूमि में कितने क्षेत्र में यह फैला है और यह कैसे फैलता है। इस पर वन मंत्री ने कहा कि लैंटाना को कल रूट स्टाक विधि से काटा जा रहा है और इस विधि से द्वारा लैंटाना ग्रस्त क्षेत्र को अब 4 वर्ष तक उपचारित किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि लैंटाना पक्षिय़ों और भेड़ बकरियों की बीठ से फैलता है। इसका बीज जहां गिरता है वहां पर लैंटाना फैल जाता है। इसकी रोकथाम को सरकार ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। जहां तक डॉ. बिंदल के भ्रष्टाचार और सही रूप से इसे नष्ट न करने की बात है, इसमें सच्चाई नहीं है और कोई अनियमितता नहीं पाई गई है। फिर भी यदि सदस्य कहते हैं तो खुद मौके पर जाकर इसका जायजा लेंगे।

भरमौरी ने कहा कि लैंटाना गंभीर समस्या है और यह 4500 फीट से नीचे फैलता है। बर्फ वाले इलाकों में यह नहीं फैसला। राज्य के लोअर बैल्ट में इस समस्या से निपटने के लिए 2013-14 में विशेष अभियान शुरू किया है और इसको जड़ के खत्म करने के बाद इसेक स्थान पर बैंबू, कचनार, तूनी, सफेदा, शीशम, सांगवान आदि के पौधे लगाए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कांगड़ा के नूरपुर क्षेत्र में यह बड़े पैमाने पर फैला था और वहां पर लैंटाना को समाप्त करने को अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में 1332 हेक्टेयर, नाहन में 672 हेक्टेयर और मंडी में 575 हेक्टेयर में नए पौधे लगाए गए हैं। भरमौरी ने कहा कि निजी भूमि में कितना फैला है, इसकी जानकारी कृषि विभाग ही दे सकता है।

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