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Budget session: केंद्रीय मदद पर Govt और Opposition में तकरार

Budget session: केंद्रीय मदद पर Govt और Opposition में तकरार

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Budget session: शिमला। केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद को लेकर बुधवार को विधानसभा में सरकार और विपक्ष में तकरार हुई। विपक्ष जहां इसे लेकर केंद्र की एनडीए सरकार की पीठ थपथपा रहा था तो सरकार की तरफ से सीएम वीरभद्र सिंह ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि पहले योजना आयोग के माध्यम से राज्य को पैसा मिलता था और उसके स्थान पर गठित नीति आयोग से कोई वित्तीय मदद नहीं मिलती। नीति आयोग बनने के बाद सामान्य केंद्रीय मदद बंद हो गई। इसके स्थान पर विभिन्न केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के तहत केंद्रीय मदद मिल रही है।


प्रश्नकाल के दौरान मामला उठा। बीजेपी सदस्य रविंद्र रवि और ठाकुर गुलाब सिंह इस संबंध में सवाल किया था। उनका सवाल था कि एक जनवरी 2013 से अब तक केंद्र से किस-किस योजना में कितना पैसा मिला है और नाबार्ड समेत अन्य वित्तीय ऐजेंसियों से कितना पैसा मिला है। इस पर सीएम ने कहा कि सामान्य केंद्रीय सहायता में एक जनवरी से 31 मार्च, 2013 तक 224.37 करोड़ रुपए मिले। 2013-14 में 1458.97 करोड़ रुपए, 2014-15 में 1382.74 करोड़ रुपए मिले।

Budget session: प्रश्नकाल के दौरान उठा मामला, रविंद्र रवि व ठाकुर गुलाब सिंह ने किया सवाल

विशेष योजना के तहत एक जनवरी से 31 मार्च, 2013 तक 392.85 करोड़ रुपए, 2013-14 में 1450 करोड़ रुपए और 2014-15 में 1350 करोड़ रुपए की राशि प्रदेश को मिली। इसके बाद प्रदेश को आज तक कोई विशेष योजना राशि नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वित्तायोगों की सिफारिशों के तहत एक जनवरी 2013 से 31 मार्च 2013 तक 541 करोड़ रुपए, 3013-14 में 1883.47 करोड़ रुपए, 2014-15 में 1108.87 करोड़ रुपए, 2015-16 में 8436.15 करोड़ रुपए और 2016-17 में 8109.97 करोड़ रुपए की राशि राज्य को मिली। सीएम ने कहा कि केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत एक जनवरी 2013 से 31 मार्च 2013 तक 371.35 करोड़ रुपए, 2013-14 में 990.354 करोड़, 2014-15 में 2209.92 करोड़, 2015-16 में 2326.40 करोड़ और 2016-17 में 2871.65 करोड़ मिले।

इस बीच नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने अनुपूरक सवाल के माध्यम से जानना चाहा कि प्रदेश को योजना आयोग के वक्त कितना पैसा आता था और अब कितना आ रहा है। उन्होंने सरकार पर केंद्र से मिलने वाली सहायता को लेकर गलत प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश को केंद्र से अब पहले से कई गुणा ज्यादा पैसा मिल रहा है। इस पर सीएम ने कहा कि 14वें वित्तायोग के बाद केंद्र ने हिमाचल को कोई बहुत बड़ी मदद नहीं दी है और इस बारे में विपक्ष का भ्रम गलत है।

सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार को योजना आयोग से मिल रही 2767 करोड़ रुपए की विशेष केंद्रीय सहायता 2015-16 से बंद कर दी गई है, जबकि इससे पहले प्रदेश सरकार को योजना आयोग के तहत यह मदद मिलती रही है। अब केवल 14वें वित्तायोग से ही मदद मिल रही है। इसके अलावा राज्य सरकार विश्व बैंक सहित दूसरी ऐजेंसियों से भी मदद लेती है।

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CM के बोल : FCA मामले जल्द निपटाने के लिए केंद्रीय मंत्री को लिखेंगे Letter

विधानसभा में आज एफसीए क्लीयरेंस में हो रही देरी का मामला गूंजा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठा। सदन में सीएम वीरभद्र सिंह ने ऐलान किया कि एफसीए मामलों में तेजी लाने का मामला केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री से उठाएंगे। उन्होंने कहा वे केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर उनसे एफसीए मामलों में क्लीयरेंस में तेजी लाने को अनावश्यक आपत्तियां न लगाकर उसे जल्द निपटाने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि एफसीए मामलों के क्लीयरेंस को देहरादून में स्थापित भारत सरकार के कार्यालय में सरलीकरण की जरूरत है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि देहरादून कार्यालय से जो आपत्तियां आती हैं उन्हें 24 घंटे के भीतर दूर कर केस को तुरंत वापस भेजा जाए। कांग्रेस सदस्य आशा कुमारी ने इस संबंध में प्रश्न किया था।

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