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Budget Session : सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

Budget Session : सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

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नेता विपक्ष का आरोप, कर्ज को लेकर सीएम नहीं दे रहे तथ्यों की जानकारी

Budget Session : शिमला। अगले वित्त वर्ष के लिए पेश किए गए Budget पर हुई चर्चा के बाद सीएम वीरभद्र सिंह द्वारा दिए गए उत्तर से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य सदन से उठकर चले गए। सीएम वीरभद्र सिंह जब चर्चा का उत्तर दे रहे थे तो बीच में नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार बोलने को उठे। इस दौरान धूमल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए कर्ज को लेकर सीएम कुछ तथ्यों की जानकारी नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें जाना है और वे जवाब से असंतुष्ट हैं और यह कहते हुए वे सदन से चले गए। बाहर जाते समय बीजेपी विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारदाज ने कहा कि वे जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए सदन से वॉकआउट कर रहे हैं।


इससे पहले सीएम वीरभद्र सिंह ने बजट पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि Budget ने पूरे सदन को उत्साहित किया है इसलिए सदस्यों ने लगभग साढ़े 16 घंटे इस पर चर्चा की। सीएम ने विपक्ष के आर्थिक प्रबंधन में विफल रहने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि 13वें वित्तायोग ने केंद्र से हिमाचल को मिलने वाले करों के हिस्से को ज्यादा आंका और बाकी राज्यों की तुलना में प्रदेश को कम वित्तीय सहायता दी। यही स्थिति 14वें वित्तायोग की भी रही और हिमाचल को केंद्र से करों के रूप में कम हिस्सा मिला। इस कारण राज्य की वित्तीय स्थिति लड़खड़ाई। सीएम वीरभद्र सिंह ने यह भी कहा कि प्रदेश को अभी भी केंद्र से करों के रूप में बहुत कम हिस्सा मिल रहा है और हम अपने आय के संसाधन बढ़ाकर प्रदेश के विकास को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही कर्ज उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि हालांकि प्रदेश को करों से बहुत कम आय है। इसके बावजूद राज्य सरकार प्रभावी कर एकत्रीकरण व्यवस्था के माध्यम से इसे बढ़ाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में प्रदेश की कर राजस्व से आय 4626 करोड़ रुपए थी, जो 2015-16 में बढ़कर 6341 करोड़ रुपए और 2017-18 में 7945 करोड़ रुपए हो जाने की उम्मीद है।

सरकार की ओर से नहीं कोई दे
वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल के लिए घोषित 61 राष्ट्रीय राजमार्गों की डीपीआर तैयार करने के लिए विशेषज्ञ तैनात करने में सरकार की ओर से कोई देर नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि इस कार्य में देर संबंधित फर्मों की ओर से देर से जवाब मिलने और केंद्र द्वारा बार-बार दिशानिर्देश बदलने से हो रही है।  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने योजना आयोग को समाप्त कर दिया। इस कारण प्रदेश को मिलने वाली प्लानिंग ग्रांट में 3000 करोड़ रुपए की सालाना कमी आ गई हैं।

सीएम जब राज्य की वित्तीय स्थिति से लेकर विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब दे रहे थे तो नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल उठे और कहा कि सीएम को जो अधिकारियों ने लिख कर दिया है, वही बोल रहे हैं। यह तथ्यों पर आधारित नहीं है। उनका कहना था कि यदि केंद्र से मिलने वाली सहायता के कम होने से राज्य की वित्तीय स्थिति खराब हुई है तो ऋण भी ऊतना ही होना चाहिए था। इससे ज्यादा ऋण लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति खराब करने के लिए कौन जिम्मेदार है।

केंद्र सरकार ने दिया दोगुणा बजट
धूमल ने कहा कि केंद्र से हिमाचल को 13वें वित्तायोग में काफी कम पैसा मिला था। इस बार केंद्र की मोदी सरकार ने राज्य को दोगुना बजट दिया है। इसके बावजूद राज्य पर ऋण बढ़ता जा रहा है। धूमल ने कहा कि हमीरपुर मेडिकल कालेज को लेकर जो एफसीए की समस्या है, वह पहले भी थी। इस पर पूर्व सरकार के समय में ही काम किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार जो जवाब दे रही है, उससे वे संतुष्ट नहीं हैं और वे बाहर जा रहे हैं। उनके जाते ही बीजेपी के बाकी सदस्य़ भी उठे और चलते बने। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि विपक्षी सदस्यों से कहा कि नेता प्रतिपक्ष किसी निजी काम से जा रहे हैं और वे क्यों जा रहे हैं। इस पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वे जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए सदन से वाकआउट कर रहे हैं।

 

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