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#Navratri_Special : नौ देवियों को पसंद हैं ये फूल, पूजा में चढ़ाने से बना रहेगा मां का आशीर्वाद

#Navratri_Special : नौ देवियों को पसंद हैं ये फूल, पूजा में चढ़ाने से बना रहेगा मां का आशीर्वाद

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17 अक्टूबर से नवरात्र पर्व शुरू होने जा रहे हैं। इन दिनों में पूजा-पाठ का काफी महत्व होता है। नवरात्र (Navratri) में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि अगर मां दुर्गा के स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाए तो मां प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। इससे व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है। माना जाता है कि अगर 9 देवियों को उनके मनपसंद पुष्प (Favorite flower) पूजा के दौरान चढ़ाए जाएं तो मां का आशीर्वाद बना रहता है। हम आपको बताते हैं कि 9 देवियों में किसको कौन-कौन से फूल पसंद हैं और आप पूजा के दौरान मां को किस तरह के पुष्प चढ़ाकर प्रसन्न कर सकते हैं …


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मां शैलपुत्री: नवरात्र का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है। मां शैलपुत्री को सफेद कनेर के फूल बेहद प्रिय हैं। मां की पूजा करते समय इन्हें सफेद कनेर के फूलों की माला पहनानी चाहिए।

मां ब्रह्मचारिणी: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्माचारिणी को समर्पित है। मां की पूजा के बाद उन्हें वटवृक्ष के पत्ते और वटवृक्ष के पुष्‍पों की माला अर्पित करनी चाहिए। इससे बुद्धि और ज्ञान में इजाफा होता है। साथ ही व्‍यापार में भी सफलता हासिल होती है।

मां चंद्रघंटा: नवरात्र का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित है। मां की पूजा के बाद उन्हें शंखपुष्‍पी के पुष्‍प अर्पित किए जाने चाहिए। इससे पराक्रम में वृद्धि होती है। साथ ही घर में खुशहाली और सुख-समृद्धि आती है।

मां कुष्‍मांडा: नवरात्र का चौथा दिन मां कुष्‍मांडा को समर्पित है। इस दिन मां की पूजा की जाती है और उन्हें पीले रंग के पुष्‍प चढ़ाए जाते हैं। इससे व्यक्ति को अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य की प्राप्ति होती है।

मां स्‍कंदमाता: नवरात्र का पांचवा दिन मां स्‍कंदमाता को समर्पित है। मां स्‍कंदमाता को नीले रंग के पुष्‍प चढ़ाए जाते हैं। इससे संतान प्राप्ति होती है।

मां कात्‍यायनी: नवरात्र का छठा दिन मां कात्‍यायनी को समर्पित है। मां की पूजा के बाद उन्हें बेर के पेड़ के पुष्‍प अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से व्यकित को उसके शत्रुओं पर विजय प्राप्‍त होती है।

मां कालरात्रि: नवरात्र का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित है। इन्हें गुंजामाला अर्पित करनी चाहिए। इससे मां प्रसन्न होती हैं।

मां गौरी: नवरात्र का आठवां दिन मां गौरी को समर्पित है। पूजा के बाद मां को कलावा की माला चढ़ानी चाहिए। इससे मां प्रसन्न हो जाती हैं।

मां सिद्धिदात्री: नवरात्र का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। इनकी पूजा करने के बाद इन्हें गुड़हल के पुष्‍प चढ़ाए जाते हैं। इससे मां की कृपा भक्तों पर बनी रहती है।

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