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मोलियो में Officers बने गुस्से का शिकार,खरी-खोटी सुनने को मिली, उग्र आंदोलन की धमकी

मोलियो में Officers बने गुस्से का शिकार,खरी-खोटी सुनने को मिली, उग्र आंदोलन की धमकी

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पांवटा साहिब। मोलियो गांव में धार्मिक ग्रंथों को जलाए जाने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। दक्षिण रेंज के डीआईजी आसिफ जलाल व डिविजनल कमिश्नर आरएन बता ने मोलियो पहुंच कर गुस्साए लोगों को समझाने के प्रयास तो किए, लेकिन मामला पटरी पर नहीं चढ़ पाया। लोग गुस्से में आ गए और पुलिस प्रशासन द्वारा मामले को सुलटाने के लिए जब एक माह का वक्त मांगा गया तो उन्होंने साफ कर दिया कि अब वह अपने स्तर पर आगे की रणनीति बनाएंगे। गुस्साएं लोगों का कहना है कि शुक्रवार को मेलियों में ही एक विशाल बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आगामी रणनीति बनाई जाएगी,और अगर जरूरत पड़ी तो समूचे क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

  • डीआईजी दक्षिण रेंज व डिविजनल कमिश्नर पहुंचे मोलियो

स्थानीय पुलिस द्वारा मामले को तीन दिन में सुलझाने के आश्वासन के बाद भी कोई सफलता हाथ लगती न देख डीआईजी दक्षिण रेंज आसिफ जलाल सहित डिविजनल कमिश्नर आरएन बता लोगों के साथ बातचीत करने तो गए पर प्रशासन व स्थानीय लोगों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक में सभी अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच के लिए और समय देने की बात कही। जाहिर है कि मामले को सुलझाने के लिए पुलिस को 3 दिन का समय दिया था लेकिन 3 दिन बीत जाने के बाद धार्मिक ग्रंथों को जलाने वालों का कोई पता नहीं चल पाया है।

Burning Religious Texts Case,पुलिस ने फिर मांगा एक माह का समय, लोगों को मंजूर नहीं

गौरतलब है कि 3 दिन पहले मेलियो गांव में स्थित धार्मिक स्थल में धर्मग्रंथों को जलाया था। शरारती तत्वों की इस हरकत से क्षेत्र के लोग बेहद गुस्से में हैं। बुधवार को हुई इस दौरान पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिये एक माह का वक़्त मांगा है। जिसे लोगों ने अस्वीकार कर दिया तीन दिन पहले भी लोगों ने एनएच 07 जाम किया था और 3 दिन के भीतर जांच पूरी न होने की सूरत में उग्र आंदोलन की धमकी दी थी। बैठक में लोगों ने धार्मिक ग्रंथों को जलाए जाने की घटना के साथ पिछली घटनाओं पर भी कोई कार्रवाई न होने पर रोष जताया। गुस्साए लोग इस बात से नाराज थे की पिछले 2 साल से धर्मस्थलों पर असामाजिक तत्व छेड़खानी कर रहे है लेकिन किसी भी मामले में एक भी आरोपी को पुलिस नहीं पकड़ पाई है।

दूसरी ओर धर्म ग्रंथों को जलाए जाने के मामले में 3 दिन का समय बीत जाने पर भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बैठक में प्रतिनिधियों ने भी पुलिस कार्रवाई पर रोष जताया। मंडलायुक्त आरएन बत्ता ने कहा कि लोग धैर्य एवं शांति बनाए रखे और इस मामले को सुलझाने के लिए उचित समय दिया जाए ताकि इस संवेदनशील मामले से जुड़े गुनाहगारों को बेनकाब कर दिया जाएगा। बैठक में डीआईजी डिविजनल कमिश्नर सिरमौर के डीसी , एसपीसहित पहुंचा प्रशासन के अधिकारियों ने गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि मामला जल्द सुलझा लिया जाए अधिकारियों ने बताया कि पुलिस प्रशासन मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है।

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