Covid-19 Update

2,05,499
मामले (हिमाचल)
2,01,026
मरीज ठीक हुए
3,504
मौत
31,571,295
मामले (भारत)
197,365,402
मामले (दुनिया)
×

क्रिसमस ट्री से जुड़ी कुछ खास बातें, पढ़ें यहां

क्रिसमस ट्री से जुड़ी कुछ खास बातें, पढ़ें यहां

- Advertisement -

दुनिया भर में क्रिसमस की धूम है। इस दिन लोग चर्च में प्रेयर करते हैं, पार्टी करते हैं और घूमते हैं। क्रिसमस जीसस क्राइस्ट के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। बाइबल में जीसस की कोई जन्म तिथि नहीं दी गई है, लेकिन फिर भी 25 दिसंबर को ही हर साल क्रिसमस मनाया जाता है। इस त्योहार में क्रिसमस ट्री का बड़ा महत्व है। जानते हैं क्या है क्रिसमस ट्री से जुड़ी कहानियां …

क्रिसमस ट्री की शुरुआत उत्तरी यूरोप में हज़ारों साल पहले हुई थी। उस दौरान ‘फर’ नाम के पेड़ को सजाकर विंटर फेस्टिवल को मनाया जाता था। इसके अलावा लोग चेरी के पेड़ की टहनियों को भी क्रिसमस के दिन सजाया करते थे। जो लोग इन पौधों को खरीद नहीं पाते थे वो लकड़ी को पिरामिड का शेप देकर क्रिसमस मनाया करते थे। धीरे-धीरे क्रिसमस ट्री का चलन हर जगह बढ़ा। आज के समय में हर कोई क्रिसमस के मौके पर इस पेड़ को अपने घर लाता है और इसे कैंडी, चॉकलेट्स, खिलौने, लाइट्स, बेल्स और गिफ्ट्स से सजाता है।


एक मान्यता के अनुसार क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा जर्मनी से प्रारंभ हुई। यहां से 19वीं सदी से यह परम्परा इंग्लैंड में पहुंची, जहां से सम्पूर्ण विश्व में यह प्रचलन में आ गई।

क्रिसमस ट्री की कहानी प्रभु यीशु मसीह के जन्म से है। जब उनका जन्म हुआ तब उनके माता पिता मरियम एवं जोसेफ को बधाई देने वालो ने, जिनमें स्वर्गदूत भी थे, एक सदाबहार फर को सितारों से रोशन किया था। तब से ही सदाबहार क्रिसमस फर के पेड़ को क्रिसमस ट्री के रूप में मान्यता मिली।

क्रिसमस ट्री पर छोटी-छोटी मोमबत्तियां लगाने का प्रचलन 17वीं शताब्दी से शुरू हो गया था। प्राचीन काल में क्रिसमस ट्री को जीवन की निरंतरता का प्रतीक माना जाता था। मान्यता थी कि इसे सजाने से घर के बच्चों की आयु लंबी होती है। इसी कारण क्रिसमस पर क्रिसमस वृक्ष को सजाया जाने लगा। माना जाता है कि इसे घर में रखने से बुरी आत्माएं दूर होती हैं तथा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है