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महाराष्ट्र में पकेगी खिचड़ी या लगेगा राष्ट्रपति शासन, आज की रात अहम

महाराष्ट्र में पकेगी खिचड़ी या लगेगा राष्ट्रपति शासन, आज की रात अहम

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मुंबई। महाराष्ट्र में खिचड़ी पकेगी या फिर राष्ट्रपति शासन लगेगा। यह काफी हद तक आज रात को साफ होने की संभावना है। क्योंकि राज्यपाल ने शिवसेना (Shiv Sena) को और समय देने से इंकार कर दिया है। आदित्य ठाकरे ने आज राज्यपाल (Governor) से बात की और उन्हें बताया कि बाकी पार्टियों से बात चल रही है। ठाकरे ने राज्यपाल से दो दिन का समय मांगा। राज्यपाल (Governor)  ने शिवसेना (Shiv Sena) को झटका देते हुए समय देने से इंकार कर दिया। ऐसे में गेंद अब गेंद पूरी तरह से राज्यपाल (Governor) से पाले में आ गई है। ऐसी संभावना है कि वह आज रात को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं। दूसरी तरफ अभी तक राज्यपाल ने शिवसेना (Shiv Sena)  के दावे को खारिज नहीं किया है। अगर शिवसेना समर्थन पत्र लेकर दावा पेश करती है तो राज्यपाल उसे मौका दे सकते हैं।

 


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आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिवसेना का दावा खारिज नहीं हुआ है। वह सरकार बनाना चाहते हैं। इसी को लेकर अन्य दलों से बातचीत चल रही है। उनका समर्थन पत्र हासिल करने में वक्त लग रहा है। राज्यपाल से दो दिन का टाइम मांगा था, लेकिन उन्होंने समय देने से मना कर दिया।

 

 

क्या हैं समीकरण

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) सबसे बड़े दल के रूप में उबर आई है। बीजेपी (BJP) ने 105 सीटें हासिल की हैं। वहीं, शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं। बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) गठबंधन न टूटता तो 161 सीटों के साथ बीजेपी  (BJP) सरकार बनाती। लेकिन, 50-50 के फार्मूले पर अड़ी शिवसेना के चलते गठबंधन टूट गया। हालांकि सबसे बड़े दल के तौर पर राज्यपाल ने बीजेपी (BJP) को सरकार बनाने का न्यौता दिया, लेकिन बीजेपी ने सरकार बनाने से इंकार कर दिया। इसके बाद राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने का न्यौता दिया। अब शिवसेना को सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन की जरूरत है। महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सदस्य हैं। ऐसे में सरकार बनाने के लिए 145 का आंकड़ा जरूरी है। अगर एनसीपी और कांग्रेस शिवसेना को समर्थन देती है तो 154 का आंकड़ा बनता है, जोकि 145 के आंकड़े से 9 अधिक है। शिवसेना के पास 56, एनसीपी के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 सीटें हैं। अगर शिवसेना को एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) का समर्थन मिलता है तो सरकार बन सकती है। अगर कांग्रेस समर्थन (Congress) नहीं देती है तो सरकार बनाना नामुमकिन है। क्योंकि 29 सीटें अन्य के पास हैं। अन्य को लेकर भी शिवसेना सरकार नहीं बना सकती है। ऐसे में शिवसेना को सरकार बनाने के लिए एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress)  का समर्थन जरूरी है।

अगर कांग्रेस समर्थन नहीं दे तो कुछ इस तरह रहेंगे समीकरण

कांग्रेस (Congress)  के शिवसेना (Shiv Sena) को समर्थन न देने की स्थिति में अन्य के सहारे अगर सरकार बनाने पर विचार किया जाए तो यह संभव नहीं है। शिवसेना, एनसीपी और अन्य की सीटों को जोड़ा जाए तो आंकड़ा 139 बनता है। जोकि 145 के आंकड़े से 6 कम है। अगर एनसीपी समर्थन न दो तो भी सरकार नहीं बन सकती है। एनसीपी और कांग्रेस भी शिवसेना के समर्थन के बिना सरकार नहीं बना सकती है।

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