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राशि के अनुसार दिवाली में करें इन मंत्रों का जाप, होगी मां लक्ष्मी की कृपा

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर राशि का एक विशेष लक्ष्मी मंत्र होता है। उस राशि के लोग यदि उस मंत्र का जाप दिवाली के दिन करें तो मां लक्ष्मी शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती हैं और साधक की धन संबंधी समस्याएं दूर सकती हैं। हम आपको राशि के अनुसार मंत्र बताने जा रहे हैं जिनका जाप कर आप मां लक्ष्मी को खुश कर सकते हैं …

मेष – ज्योतिष के अनुसार मेष राशि का स्वामी मंगल है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ऐं क्लीं सौ:

वृषभ- ज्योतिष के अनुसार इस राशि का स्वामी शुक्र है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ऐं क्लीं श्रीं

मिथुन- इस राशि का स्वामी बुध है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं क्ली ऐं सौ:

कर्क- इस राशि का स्वामी चंद्र है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ऐं क्ली श्रीं

सिंह- इस राशि का स्वामी सूर्य है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ह्रीं श्रीं सौ:

कन्या- इस राशि का स्वामी बुध है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं श्रीं ऐं सौ:

तुला- इस राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ह्रीं श्रीं सौं

वृश्चिक- इस राशि का स्वामी मंगल है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ऐं क्लीं सौ:

धनु- इस राशि का स्वामी गुरु है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ह्रीं क्लीं सौ:

मकर- इस राशि का स्वामी शनि है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ह्रीं क्लीं ह्रीं श्रीं सौ:

कुंभ- इस राशि का स्वामी शनि है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ह्रीं ऐं क्लीं श्रीं

मीन- इस राशि का स्वामी गुरु है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है- मंत्र- ऊं ह्रीं क्लीं सौ:

इस दिवाली करें महालक्ष्मी के इन मन्त्रों का जाप –

महा-लक्ष्मी का नाम मंत्र : —-ह्री महालक्ष्म्यै नमः

महा-लक्ष्मी का गायत्री मंत्र :—

ह्री महालक्ष्मी च विद्महे विष्णु पत्नी च धीमहि। तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात् ||

महा-लक्ष्मी का पुराणोक्त मंत्र :—-

समुद्र मथनोज्जाता जगदानन्द कारिका |हरि-प्रिया च मांगल्या तां च श्रियं ब्रुवन्तु नः ||

महा-लक्ष्मी का वेदोक्त मंत्र :—-

ॐ श्रीश्चते लक्ष्मीश्च पत्न्या वहो रात्रे पार्श्वे नक्षत्राणि रूपमश्विनौभ्यात्तम् |
इष्णं निखाणा मुम्मऽइखाण सर्भलोकं मऽइखाण || (-यजुर्वेद 22.22)

महा-लक्ष्मी का वेदोक्त मंत्र :—-

ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्‌ । चंद्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आ वह ॥(- ॠग्वेद र्वेद)

तंत्रोक्त मंत्र :—

“ऊं श्री ह्रीं कमले कमलालये। प्रसीद् प्रसीद् श्री ह्रीं श्री महालक्ष्म्यै नम:।”

लक्ष्मी मंत्रों का जाप स्फटिक की माला या कमल बीज की माला से करना उत्तम फलदायी रहता है।

पंडित दयानन्द शास्त्री, (ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)

 

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