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Budget में हिमाचली हितों की अनदेखी, CM ने बताया निराशाजनक

Budget में हिमाचली हितों की अनदेखी, CM ने बताया निराशाजनक

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शिमला। सीएम वीरभद्र सिंह ने वित्त मंत्री  अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत बजट को देश विशेषकर हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए निराशाजनक तथा हताश करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट मात्र वादों तथा प्रतिबद्धताओं से भरपूर है, जिसमें आम जन के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि देश के लोग नोटबंदी के मुश्किल दौर से गुजरने के बाद कुछ राहत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है।


  • बोले, जनता की उम्मीदों पर केंद्र सरकार का झटका
  • बेरोजगारों-किसानों के लिए कुछ नहीं
  • रेल बजट में बिलासपुर-भानुपल्ली-लेह मार्ग को भूला केंद्र

उन्होंने कहा कि बजट में किसानों और बेरोज़गार युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है तथा आम जन पर सकारात्मक प्रभाव डालने में असमर्थ रही है। इसके अतिरिक्त मध्यम तथा निम्न मध्यम वर्गीय लोगों के लिए भी बजट में कुछ खास प्रदान नहीं किया गया।

सीएम ने कहा कि वेतनभोगी तथा कर्मचारी आयकर सीमा में कुछ राहत की आशा कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार के नए प्रावधान से केवल निम्न आय के लोग लाभान्वित होंगे।  वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि रेल बजट में एक बार फिर हिमाचल प्रदेश की अनदेखी की गई है तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बिलासपुर-भानुपल्ली-लेह रेल मार्ग का कोई भी जिक्र नहीं किया गया है। नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन का निर्माण भी 20 वर्षों से अधिक समय से अधर में है। वर्तमान रेल लाइनों के विस्तार तथा नई लाइनों का मामला केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष पहले ही उठाया जा चुका है, लेकिन केंद्रीय सरकार द्वारा इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण लागत सहित 25 प्रतिशत धनराशि और चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है तथा चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के लिए राज्य हिस्सा भी जारी कर दिया है, लेकिन रेल मंत्रालय से इस संबंध केवल आश्वासन ही मिले हैं तथा इससे राज्य में औद्योगिक प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार ने वर्तमान रेल संपर्क के विस्तार और लेह रेल लाइन सहित कुछ नए सर्वेक्षण करवाने का मामला उठाया है। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक पार्टियों को देने वाले बेनामी दान की सीमा को घटाते हुए 20 हजार से 2 हजार करने के निर्णय का स्वागत किया है।

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