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फैमिली पेंशन में हुआ बड़ा फेरबदल, केंद्र सरकार ले आई यह नया नियम, आप भी जानें

मृत सरकारी कर्मचारियों  के दिमागी रूप से असक्त बच्चों को भी मिलेगा फैमिली पेंशन का लाभ 

फैमिली पेंशन में हुआ बड़ा फेरबदल, केंद्र सरकार ले आई यह नया नियम, आप भी जानें

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार  ने फैमिली पेंशन (Family Pension) को लेकर नया नियम जारी किया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि मृत सरकारी कर्मचारियों  (Employees)  के ऐसे बच्चे जो दिमागी रूप से असक्त हैं,  उन्हें भी फैमिली पेंशन का लाभ मिलेगा। जो बच्चे मानसिक विकार से ग्रस्त हैंए  वे भी फैमिली पेंशन के हकदार हैं। गौरतलब है कि मानसिक विकार से पीड़ित बच्चों को फैमिली पेंशन का लाभ नहीं मिलने से उनके पालन-पोषण और रहन-सहन में परेशानी होती है,  क्योंकि वे अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ होते हैं। इन बच्चों को दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है।

केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी 

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Union Minister Jitendra Singh) ने कहा कि पेंशन और पेंशनर कल्याण विभाग को लोगों से बातचीत में पता चला है कि बैंक इस तरह के बच्चों को फैमिली पेंशन का लाभ नहीं दे रहे। इस तरह के मानसिक विकार वाले बच्चों को बैंक पेंशन (Bank Pension) देने से मना कर रहे हैं। बैंक इन बच्चों से अदालत से जारी गार्डियनशिप सर्टिफिकेट मांग रहे हैं। सरकार नरेंद्र मोदी की अगवाई में आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने में जुटी है और इसके लिए सुशासन के मंत्र पर जोर दिया जा रहा है।

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फैमिली पेंशन में नॉमिनेशन जरूरी 

जितेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों की मदद के लिए फैमिली पेंशन में नॉमिनेशन के प्रावधान को जरूरी बनाया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों के बच्चों को बिना रुकावट पेंशन मिल सके। यहां तक कि मानसिक विकार से जूझते बच्चों को कोर्ट से आसानी से गार्डियनशिप सर्टिफिकेट मिल सके, इसे भी आसान बनाया गया है। मृत सरकारी कर्मचारी के बच्चों को कोर्ट (Court) से सर्टिफिकेट देना होता है,  जिसके आधार पर फैमिली पेंशन दी जाती है। बैंक ऐसे बच्चों से गार्डियनशिप सर्टिफिकेट (Guardianship Certificate) के लिए अड़ नहीं सकते और इस आधार पर पेंशन देने से मना नहीं कर सकते कि पहले कोर्ट से सर्टिफिकेट ले आओ।

बिना सर्टिफिकेट भी देनी होगी पेंशन

इस ऐलान के बाद अगर कोई बैंक मानसिक विकार से ग्रस्त बच्चों से कोर्ट से जारी गार्डियनशिप सर्टिफिकेट के बिना फैमिली पेंशन देने से मना कर देते हैं तो यह सेंट्रल सिविल सर्विस (Central Civil Service) (पेंशन रूल्स) 2021 के वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन होगा। यानी ऐसे में  बैंक (Bank) पर कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई मानसिक विकार से पीड़ित बच्चा अपने माता.पिता के पेंशन प्लान में नॉमिनी नहीं और उससे कोर्ट का सर्टिफिकेट मांगा जाए तो यह पेंशन के मकसद के खिलाफ होगा।

 

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बैंकों को दिया गया निर्देश

इस ऐलान के बाद सरकार की तरफ से सभी पेंशन बांटने वाले बैंक के प्रबंध निदेशकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है। सरकार ने निदेशकों से कहा है कि वे अपने सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर (Centralized Pension Processing Center), पेंशन पेइंग ब्रांच को निर्देश दें कि मानसिक रूप से असक्त बच्चों को फैमिली पेंशन का लाभ मिल सके। यह पेंशन उन बच्चों को नॉमिनी के जरिये दी जाएगी। यह वैधानिक प्रावधान है जिसे कोई संस्था नकार नहीं सकती। ऐसे बच्चों के लिए बैंक कोर्ट के गार्डियनशिप सर्टिफिकेट की मांग नहीं कर सकते।

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