दर्दनाक मौतः चुवाड़ी में जहर दे मारी जा रही वानर-सेना!

प्रोत्साहन राशि के बावजूद नहीं मरे थे इतने बंदर

दर्दनाक मौतः चुवाड़ी में जहर दे मारी जा रही वानर-सेना!

- Advertisement -

चंबा। हरी-भरी वन भूमि में मानवीय बस्तियां बसा कर इंसान ने जानवरों के ठिकाने छीन लिए हैं तो वहीं तुर्रा यह कि इंसान जंगली जानवरों को ही दोष देता दिखता है। इसी के चलते चुवाड़ी में अब तक दर्जनों बंदरों को जहर दे मारा गया है, जबकि साथ लगती पंचायतों में भी यह क्रम शुरू हो चुका है। धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार भगवान हनुमान तथा बाली की इस सेना पर इंसानी हमले से कुछ लोग खासे आहत हैं।

देवभूमि में बंदरों का उत्पात कोई नई बात नहीं है। साल 2016 में पशु कार्यकर्ताओं और पशु प्रेमियों के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण खबर के रूप में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार की मांग पर बंदरों को हिंसक घोषित कर इनको मारने पर रोक हटा दी थी। बाद में इसे और एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया। राज्य के 10 जिलों की 38 तहसीलों में वर्मिन घोषित होने के बाद भी बहुत कम संख्यां में बंदरों को मारा गया। देवभूमि नाम को सार्थक करते हुए लोगों ने प्रोत्साहन राशि के बावजूद बंदरों को मारने में कतई रुचि नहीं दिखाई। वहीं अब समय सीमा गुजर जाने के बाद चंबा जिले के चुवाड़ी क्षेत्र में धड़ल्ले से बंदरों को मारा जा रहा है। यहां बाजार में बिक रही दवाई से अब तक दर्जनों बंदर मारे जा चुके हैं। बताते चलें कि तहसील मुख्यालय तथा साथ लगते क्षेत्रों में यह क्रम लंबा खींचता जा रहा है।

क्षेत्र की कई पंचायतों के लोग अब इसकी जानकारी मिलने के बाद दवाई लेने चुवाड़ी पहुंच रहे हैं। मरे पड़े बंदरों को आवारा कुत्ते तथा कौवे भी नौंच रहे हैं। इससे कुछ कौवे भी मरे हैं। लिहाज़ा इससे कोई बीमारी फैलने के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता। कुछ लोग इसे कलयुग का आगमन तो कुछ लोग इससे महामारी फैलने का खतरा जता रहे हैं। उधर, जब इस संदर्भ में आरओ चुवाड़ी विपिन महाजन से बात की गई तो उन्होंने इसे अपराध बताते हुए कहा कि बंदरों को मारने तथा जहर बेचने वालों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है