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Himachal : प्री प्राइमरी कक्षाओं में आंगनबाड़ी वर्कर्स की नहीं हुई तैनाती तो विस का होगा घेराव

Himachal : प्री प्राइमरी कक्षाओं में आंगनबाड़ी वर्कर्स की नहीं हुई तैनाती तो विस का होगा घेराव

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शिमला। हिमाचल में प्री प्राइमरी कक्षाओं में नियुक्ति और अन्य मांगों को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्परज़ (Anganwadi Workers and Helpers) यूनियन संबंधित सीटू (CITU) की राज्य कमेटी ने राजधानी शिमला (Shimla) में जोरदार प्रदर्शन (Protest) किया। यह प्रदर्शन निदेशक महिला एंव बाल विकास विभाग हिमलैंड शिमला स्थित कार्यालय के बाहर किया गया। प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा सहित अन्य पदाधिकारियों और सैंकड़ों आंगनबाड़ी कर्मियों ने भाग लिया। तीन घंटे तक चले धरने के दौरान यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल उप निदेशक महिला एंव बाल विकास विभाग राकेश भारद्वाज जी से मिला व उन्हें मांग-पत्र सौंपा। यूनियन ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी ना किए गए, तो आंगनबाड़ी कर्मी नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करके सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसी दिन प्रदेशभर के हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव भी करेंगे।

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यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना देवी ने केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं (Pre-Primary Classes) के लिए नियुक्त करने की मांग की है, क्योंकि छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य पिछले 45 वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कर्मियों को देने की घोषणा प्रदेश सरकार बजट सत्र (Budget session) में ही करे, अन्यथा हज़ारों कर्मियों द्वारा बजट सत्र में ही सरकार की घेराबंदी की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर आंगनबाड़ी कर्मियों के सिवाए किसी अन्य को प्री प्राइमरी की शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई, तो इसके खिलाफ निर्णायक आंदोलन होगा। वहीं उन्होंने नई शिक्षा नीति (New education policy) को वापस लेने की भी मांग की है क्योंकि यह ना केवल छात्र विरोधी है बल्कि आइसीडीएस विरोधी भी है। नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। इससे भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा।

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