Covid-19 Update

2,06,832
मामले (हिमाचल)
2,01,773
मरीज ठीक हुए
3,511
मौत
31,810,782
मामले (भारत)
201,005,476
मामले (दुनिया)
×

तूफान का कहर: Chamba में बादल फटा, कई पंचायतों में भारी तबाही

- Advertisement -

लोगों के घरों में भरा मलबा, कई गाड़ियां मलबे में दबीं

अभी अभी टीम। जिला के चोली पंचायत के सुनेरा गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण  यह घटना हुई है। बादल फटने से बडोह नाले में बाढ़ आ गई जिसके चलते नाले के साथ लगती कल्हेल पंचायत के शिंड, कुठाड़, कल्हेल, कैला, सोंठी वार्डों में सेब व मक्की की फसल तबाह हो गई है। वहीं बैरागढ़, चंबा डुगली मुख्य सड़क मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप है। बीजेपी मंडलाध्यक्ष तारा चंद ने बताया कि मंगलवार देर शाम को वर्षा और बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कुमोथा में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है जहां कई मकानों में मलबा भर गया। चोली, कोहाल पंचायत के गढ़ और लढान पंचायत में भी भारी तबाही हुई है।इसके अलावा कई गाड़ियां भी मलबे में दब गई है।

कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बिजली गुल

cloudburstवहीं तेज तूफान से कई स्थानों पर पेड़ गिरे हैं तो कई जगहों पर रात भर बिजली गुल रही। तूफान की वजह से सड़क पर पेड़ गिरने से पठानकोट-देहरा वाया ज्वाली, नगरोटा सूरियां, हरिपुर मार्ग बंद हो गया, जोकि अलसुबह बहाल किया जा सका है। पेड़ गिरने से इसकी चपेट में बिजली की तारें भी आ गई  जिसके कारण बिजली के खंभे टूट गए। इससे तीन पंचायतों में बत्ती गुल हो गई है। इन पंचायतों में बंगोली, भटोली व झकलेड़ शामिल हैं। हालांकि मौसम के करवट बदलने से लोगों को कुछ हद तक गर्मी से राहत तो मिली पर मंगलवार रात करीब 10 बजे आए तूफान ने लोगों को आफत में डाल दिया।


बारिश के कारण भारी भूस्खलन से मार्ग बाधित

सिरमौर जिला में भारी बारिश का सिलसिला देर रात से लगातार जारी है। प्रदेश में पहली ही बारिश ने जिला में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण हरिपुरधार-रेणुका मार्ग पर दनोई पुल के समीप भारी भूस्खलन हो गया, जिससे यह मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। मार्ग बंद होने के चलते वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। उधर, आधा दर्जन बसों से छोटे दर्जनों वाहनों में  सैंकड़ों यात्री पिछले कई घंटों से फंसे हुए हैं।

राजधानी में बारिश बनी बागवानों के लिए आफत 

उधर, राजधानी में बारिश बागवानों के लिए आफत बन कर आई है। जहां एक तरफ बारिश से मौसम सुहाना हो गया है, वहीं सेब बागवानों के लिए ओलावृष्टि होने से भारी नुकसान उठाना पडे़गा। ओलावृष्टि और तूफान से पिछले तीन दिनों से ऊपरी शिमला के अधिकतर इलाकों में फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि बुधवार सुबह से ही  बारिश से तापमान में गिरावट के कारण लोगों और पर्यटकों को गर्मी से राहत मिली है। इससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की उमीदें बढ़ गई हैं। वहीं मौसम विभाग ने 9 जून तक प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बारिश और खराब मौसम की संभावना जताई है।

तूफानी दीवार : 4 बच्चों सहित ले गई 8 की जान

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है