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… तो हादसे के शिकार लोगों को इलाज़ के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर

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शिमला। CM जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य में निरन्तर बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं चिन्ता का कारण हैं, जिसके चलते Orthopedic विभाग को लोगों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए अतिरिक्त समय तक काम करना पड़ता है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों को सर्वोत्तम विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों ताकि उन्हें उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। जयराम आज इन्दिरा गांधी आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान (IGMC) शिमला के Orthopedic शल्य चिकित्सा विभाग द्वारा आयोजित उत्तरी क्षेत्र Orthopedic एसोसिएशन के 37वें वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि Orthopedic विभाग को मजबूत किया जाए ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

Health में अग्रणी राज्य बनायेंगे

CM ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का एक अग्रणी राज्य बनाने का है। उन्होंने कहा कि इसके लिए चिकित्सा पेशेवरों का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देश तथा विदेशों के विभिन्न भागों में सराहनीय सेवाओं के लिए राज्य के चिकित्सकों को सम्मानित करने की सम्भावनाओं का पता लगाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार विभाग को नवीनतम उपकरणों के साथ सुसज्जित करने के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने चिकित्सकों से स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक विज़न दस्तावेज तैयार करने का आग्रह किया, जो राज्य की भौगोलिक स्थितियों के अनुरूप हो। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां दुर्घटनाओं के अधिक मामले हैं और इसके चलते Orthopedic विभाग को और मजबूत बनाने पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी Orthopedic विभाग को उचित स्थान प्रदान किया जाना चाहिए ताकि मरीजों को उपचार के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो।

अभी लम्बा सफ़र तय करना है 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि हालांकि प्रदेश के स्वास्थ्य मानक देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में श्रेष्ठ हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकि है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को 330 जेनेरिक दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एक आदर्श व्यवसाय है और चिकित्सकों को लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मिशन की भावना के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चम्बा, नेरचौक तथा नाहन तीनों मैडिकल कॉलेजों को एमसीआई द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और हाल ही में भारतीय चिकित्सा अनुसन्धान परिषद ने हमीरपुर में भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। IGMC Orthopedic विभाग के प्रमुख एवं सम्मेलन के आयोजक डा. मुकुन्द लाल ने इस अवसर पर CM तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने CM से विभाग को सुदृढ़ बनाने का आग्रह किया ताकि राज्य के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सके।


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