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ज्वालामुखी में डैमेज कंट्रोल को Jai Ram का मास्टर स्ट्रोक, धवाला की कुछ ऐसे की तारीफ

ज्वालामुखी में डैमेज कंट्रोल को Jai Ram का मास्टर स्ट्रोक, धवाला की कुछ ऐसे की तारीफ

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ज्वालामुखी। कांगड़ा जिला (Kangra District) के ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र (Jwalamukhi Assembly Constituency) में राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष व विधायक रमेश धवाला (Deputy Chairman State Planning Board and MLA Jawalamukhi Ramesh Dhawala) और बीजेपी संगठन मंत्री पवन राणा के बीच छिड़ी जुबानी जंग को शायद ही कोई भूला हो। हालांकि, अब दोनों के बीच चला वाकयुद्ध थम गया है, लेकिन जयराम ठाकुर अभी भी मामले में फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। इसी कड़ी में संगठन मंत्री पवन राणा को कार्यक्रम से दूर रखा गया और विधायक रमेश धवाला को ही तव्वजो दी गई। वहीं, कथोग में जनसभा के दौरान सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) विधायक रमेश धवाला की प्रशंसा में दो शब्द कहना नहीं चूके।

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जनसभा को को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि वह स्वयं और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेश धवाला पहली बार 1998 में राज्य विधान सभा के लिए चुने गए थे, हालांकि रमेश धवाला उस समय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनकर आए थे। उन्होंने कहा कि धवाला के पास सरकार और संगठन दोनों में काम करने का लगभग बीस वर्ष का अनुभव है। दूसरी तरफ धवाला ने भी मंच से सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) के नेतृत्व को सराहा। कहा कि सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) के नेतृत्व में राज्य सरकार पिछले दो वर्षों के दौरान उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है जो किसी कारण उपेक्षित रहे हैं। कहीं न कहीं यह इस बात का संदेश था कि ज्वालामुखी में अब सब ठीक ठाक है।

बता दें कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र (Jwalamukhi Assembly Constituency) में एकाएक विधायक रमेश धवाला और संगठन मंत्री के बीच विवाद छिड़ गया। मामला सीएम जयराम ठाकुर तक पहुंच गया। यहां तक की धवाला ने संगठन के कुछ लोगों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। ज्वालामुखी में गुटबाजी जैसी स्थिति पैदा हो गई। मामला सुर्खियों में आ गया। सरकार और संगठन परिवार का अंदरूनी मामला कहकर मीडिया से सवालों से बचते दिखे। मंडल अध्यक्ष चुनाव में भी गुटबाजी साफ दिखाई दी। आखिरकार रानीताल विश्राम गृह में चुनावी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। फिर जैसे तैसे मामला शांत करवाया गया। अब न तो संगठन चाहता है कि मामला दोबारा सुलगे और न ही सरकार। इसके लिए एक प्रयास सीएम जयराम ठाकुर के इस दौरे में दिखे।

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