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Himachal का हर नागरिक हुआ अमीर, प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी, Growth Rate में गिरावट

CM Jai Ram presented Economic Survey : राज्य में प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्ष के 147277 रुपए के मुकाबले इस बार 158462 रुपए आंकी गई

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CM Jai Ram presented Economic Survey : लोकिन्दर बेक्टा/शिमला। Himachal में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। इस पहाड़ी प्रदेश का हर नागरिक और अमीर हुआ है, लेकिन राज्य की Growth Rate में गिरावट जारी है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्ष के 147277 रुपए के मुकाबले इस बार 158462 रुपए आंकी गई है, लेकिन विकास दर में गिरावट जारी है। राज्य की Growth Rate पिछले तीन वर्षों से राष्ट्रीय विकास दर से कम है। 2015.16 में राज्य की अर्थ व्यवस्था 8.1 फीसदी थी और 2016-17 में गिर कर 6.9 फीसदी हुई और 2017-18 में 6.3 फीसदी विकास दर का अनुमान है। CM Jai Ram Thakur ने आज सदन में वर्ष 2017-18 का Economic Survey जारी किया। इस रिपोर्ट के मुताबिक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2015-16 के 113355 करोड़ रुपए से वर्ष 2016-17 में बढ़कर 124236 करोड़ हो गया। इसके 2017-18 में 135914 करोड़ होने की संभावना है।

रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में राज्य की अर्थव्यवस्था में 6.3 फीसदी विकास दर का अनुमान है और प्रति व्यक्ति आय 158462 रुपए का अनुमान है। Economic Survey Report के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 फल उत्पादन कम हुआ है। मौजूदा वित्त वर्ष में (दिसंबर तक) फल उत्पादन पांच लाख मीट्रिक टन हुआ। वर्ष 2016.17 में यह 6.12 लाख मीट्रिक टन आंका गया। कुल फल उत्पादन में से सेब का का भाग करीब 85 फीसदी है। वर्ष 2017-18 में दिसंबर 2017 तक 4.28 लाख मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ, जबकि 2016-17 में सेब का कुल उत्पादन 4.68 लाख मीट्रिक टन था।

मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत सेब के 36 खंडों, आम के 41 खंडों, किन्नू के 15 और पलम के 13 खंडों और आड़ु के 5 खंडों को शामिल किया गया है। राज्य में मार्च 2017 तक 35668 हैंडपंप लगाए। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में इस वक्त 622 मध्यम व बड़े उद्योग और 45597 लघु औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। राज्य में अकुशल श्रेणी के श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी 200 से बढ़ाकर 210 रुपए की गई। रिपोर्ट के मुताबिक 31 दिसंबर 2017 तक राज्य के रोजगार पंजीकृत कार्यालयों में 834714 बेरोजगार पंजीकृत किए गए। उधर, राज्य में पनबिजली उत्पादन की अनुमानित क्षमता 27436 मेगावाट की आंकी गई है। इसमें से 10519 मेगावाट का अभी दोहन किया गया है। यह कुल क्षमता का 38.34 फीसदी है। इस पहाड़ी राज्य में सड़कें विकास की भाग्य रेखा कही जाती है।

सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 31 दिसंबर 2017 तक 37158 किमी लंबी सड़कें बनाई जा चुकी हैं और 10241 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया है। राज्य में एचआरटीसी के बेड़े में 3254 बसें हैं और ये बसें 2693 मार्गों पर हर दिन 6.14 लाख किमी की दूरी तय कर रही है। पर्यटन राज्य में सैलानियों का आंकड़ा साल-दर-साल बढ़ रहा है और पिछले वर्ष दिसंबर तक यहां 1 करोड़ 96 लाख दो हजार सैलानी आए। यह राज्य की आबादी से 2.9 गुणा अधिक है। यानी इतने ज्यादा सैलानी यहां वर्षभर में आए हैं। राज्य में इस समय 10751 प्राइमरी, 2103 मिडल, 922 हाई और 1836 सीनियर सेकेंडरी स्कूल और 137 कालेज चल रहे हैं। वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदेश में 2 क्षेत्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों, 31 चिकित्सालयों और 1,175 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 3 युनानी स्वास्थ्य केन्द्र और 14 होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत बेसहारा लड़कियों के अभिभावकों को 40 हजार रुपए विवाह अनुदान दिया जा रहा है और 691 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया। बेटी है अनमोल योजना के तहत 16908 बालिकाओं को लाभांवित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 3280 महिला स्वयं सहायता समूहों को सहायता उपलब्ध करवाई गई है। मनरेगा के तहत 156.54 लाख कार्य दिवस सृजित किए गए और 432005 परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया। राज्य में बेहतर व यथा समय सेवा के लिए सेवा अधिनियम के तहत 25 विभागों में 183 सेवाओं को लागू किया गया। 70 वर्ष और इससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को वृद्धावस्था पैंशन प्रदान की जाएगी।

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