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वाणिज्य मंत्री से बोले सीएम, हिमाचल में सेब उद्योग बचाने को बढ़ाया जाए आयात शुल्क

जयराम ठाकुर ने गृह मंत्री अमित शाह से हाटी समुदाय को एससी का दर्जा देने का आग्रह

वाणिज्य मंत्री से बोले सीएम, हिमाचल में सेब उद्योग बचाने को बढ़ाया जाए आयात शुल्क

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नई दिल्ली। सीएम जयराम ठाकुर (CM JaiRam Thakur) ने शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल (Piyush Goyal) और ऊर्जा मंत्री से भेंट आरके सिंह से भेंट की। इस दौरान सीएम ने वाणिज्य मंत्री और वित्त मंत्री से सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का आग्रह किया, क्योंकि आयातित सेब के कारण हिमाचल प्रदेश सहित जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब बागवानों को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करते हुए मुख्यमंत्री।

आयातित सेब के कारण हिमाचल (Himachal) के बागवान कोल्ड स्टोर में रखे अपने सेब को बाजार में नहीं उतार पा रहे हैं। सीएम ने कहा कि दूसरे देशों के सेब भारतीय बाजार में आने से राज्य की सेब अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस दौरान उन्होंने मंडी हवाई अड्डे के निर्माण के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। सीएम जयराम ठाकुर आज सुबह ही एक दिवसीय दिल्ली (Delhi) दौरे पर गए हैं।

 

ट्रांसगिरि क्षेत्र को जनजातीय का दर्जा देने का आग्रह

सीएम केंद्रीय गृह मंत्री से सिरमौर (Sirmour) जिले के ट्रांसगिरि क्षेत्र को जनजातीय और हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र के आसपास के इलाके को पहले ही जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। सिरमौर (Sirmour) जिले के ट्रांसगिरी क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करना क्षेत्र के लोगों की जायज मांग है, क्योंकि इससे 144 पंचायतों की लगभग तीन लाख आबादी लाभान्वित होगी।

 

थर्मल पावर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए केंद्र से मांगा सहयोग

सीएम ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि हिमाचल हरित राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने राज्य की थर्मल पावर (Thermal Power) प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए मंत्रालय से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में केवल 2000 मेगावाट की थर्मल ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है, जबकि शेष हरित ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य को उपयुक्त सहायता उपलब्ध करवाई जाती है, तो हिमाचल प्रदेश शत-प्रतिशत हरित ऊर्जा उत्पादन करेगा। इसे प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन सकेगा।

 

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