Expand

वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले जयराम, हिमाचल के लिए रखी यह बड़ी मांग

भारत सरकार की योजनाओं के तहत आसान ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने का आग्रह

वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले जयराम, हिमाचल के लिए रखी यह बड़ी मांग

- Advertisement -

नई दिल्ली। सीएम जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से भेंट की। उन्होंने वित्त मंत्री को अवगत करवाया कि राज्य सहकारी बैंकों को क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजिज (सीजीटीएमएसई) और स्मॉल फार्मरज एग्री बिजनेस कन्सॉटिअम (एसएफएसी) के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत सदस्य ऋण संस्थान नहीं बनाया गया है। जिस कारण से संभावित उद्यमियों को भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे मुद्रा, पीएमईजीपी, एनआरएलएम, एनयूएलएम इत्यादि योजनाओं के अंतर्गत जमानत मुक्त ऋण नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने सहकारी बैंकों के माध्यम से लक्षित समूहों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत आसान ऋण सुविधा सुनिश्चित करने के लिए इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध किया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे न केवल सहकारी बैंकों को अपने ऋणों का विस्तार करने में मदद मिलेगी, बल्कि आसान ऋण सुविधा के कारण रोजगार पैदा करने, आजीविका के साथ-साथ कृषि तथा कृषि आधारित उद्योगों के विकास और विविधिकरण में भी मदद मिलेगी। सीएम जयराम ठाकुर ने एक अलग परियोजना के रूप में एकीकृत विकास परियोजना को साधन स्थिरता और क्लाइमेट रिजिलिएंट रेन फैड एग्रीकल्चर के लिए विश्व बैंक से हस्तक्षेप कर धन जारी रखने के लिए राजी करने का मामला उठाने का भी आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि आईडीपी और फॉरेस्ट फॉर प्रास्पेरिटी (एफपीपी) का विलय दोनों परियोजनाओं को एक ही विभाग द्वारा कार्यान्वित करने और इसके समान उद्देश्य व परिणाम को देखते हुए किया गया। उन्होंने वित्त मंत्री को अवगत करवाया कि दोनों परियोजनाओं के उद्देश्य और कार्यान्वयन के तौर-तरीके अलग-अलग हैं तथा कहा कि आईडीपी का उद्देश्य कृषि क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना एवं सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता में सुधार करना तथा किसानों की आजीविका बढ़ाने के लिए सीधे ग्राम पंचायतों के साथ काम करना है।

उन्होंने बताया कि दूसरी ओर एफपीपी एक केंद्र भाग वानिकी परियोजना है, जिसका उद्देश्य वन और उच्च पर्वतीय चरागाहों के प्रबंधन और सामुदायिक उपयोग में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए विलय की सिफारिश करते समय राज्य की धन संबंधित आवश्यकताओं पर विश्व बैंक द्वारा सही तरीके से विचार नहीं किया गया और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आईडीपी के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध करवाने का भी अनुरोध किया। अरुण जेटली ने सीएम की मांगों को गंभीरता से सुना और इन मामलों में हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

उड़ान-2 परियोजना की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने का अनुरोध

सीएम जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु से भेंट की तथा हिमाचल में उड़ान-2 परियोजना आरंभ करने से संबंधित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कनेक्विटी एक बड़ा मुद्दा है तथा पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एयर कनेक्विटी अति आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि उड़ान-2 परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में बहुत देरी हो रही है तथा आग्रह किया कि इस अवधि के दौरान चंडीगढ़-बद्दी, कसौली-शिमला-कुल्लू-धर्मशाला के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए अंतरिम व्यवस्था की जाए। सीएम ने मंडी में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मामले को भी उठाया तथा अवरोध परिसीमा सर्वेक्षण शीघ्र करवाने का भी आग्रह किया, जिससे कि शेष अनापत्तियां मिल सकें।

https://youtu.be/BM7XPiD_u_0

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है