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वीरभद्र के बोलः दशहरा उत्सव ठीक से ना हो, रचे गए षड़यंत्र

वीरभद्र के बोलः दशहरा उत्सव ठीक से ना हो, रचे गए षड़यंत्र

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कुल्लू। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा है कि कुछ लोग चाहते हैं कि कुल्लू दशहरा कुछ कारणों से सही प्रकार से आयोजित न हो, परन्तु सभी जानते हैं कि दशहरे का आयोजन पारंपरिक तरीके से किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां बनाई जा रही हैं कि दशहरा उत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक न हो सके और इसके लिए अनेक षड़यंत्र रचे गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय तथा धार्मिक परम्पराओं व उत्सवों में राजनीति नहीं की जानी चाहिए और किसी को ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि वह मंदिरों का मालिक है। उन्होंने कहा कि प्राचीन मंदिर किसी की भी निजी संपत्ति नहीं है और वे केवल ऐसे मंदिरों के न्यासी व देखभालकर्ता ही हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कुल्लू स्थित रघुनाथ मंदिर भी निजी संपत्ति नहीं है। सीएम ने यह बात कुल्लू दशहरा के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। इस अवसर पर कुल्लू दशहरा समिति के अध्यक्ष व आयुर्वेद एवं सहाकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने सीएम को सम्मानित किया।

  • कारदार आए व गए, मंदिर अपनी जगह रहे
    cm4सीएम ने कहा कि उपायुक्त कुल्लू को हाल ही में एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपने आपको को रघुनाथ मंदिर का स्वामी होने का दावा किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि पत्र लिखने वाला व्यक्ति जो पहले अपने आपको एक कारदार होने का दावा करता था अब स्वयं को इसका मालिक होने का दावा कर रहा है। सिंह ने कहा कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक मंदिरों के स्वामी नहीं हो सकता है, जिसमें कुल्लू घाटी के लोगों का विश्वास हो और मंदिर लोगों के होते हैं। उन्होंने कहा कि लोग व कारदार आए और गए परन्तु मंदिर सदा के लिए अपनी जगह पर स्थित है और सरकार चाहती है कि प्रदेश के प्राचीन मंदिरों का अच्छी प्रकार से संरक्षण व देख- रेख सुनिश्चित हो। यानी वीरभद्र सिंह ने कुल्लू दशहरा के समापन अवसर पर भी बिना नाम लिए महेश्वर सिंह को निशाने पर ही रखा।
  • रघुनाथ मंदिर की देखरेख चाहती है सरकार
    वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार रघुनाथ मंदिर का स्वामी नहीं बनना चाहती परन्तु मंदिर की सही देखरेख व वित्त पोषण चाहती है, cm2ताकि इनका सृजन न्यास के गठन द्वारा किया जा सके और इसे मंदिरों के विकास पर खर्च किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों का जीवन स्थानीय देवी-देवताओं के इर्द-गिर्द घूमता है और वे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा है। उन्होंने रीति-रिवाजों व संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि हमारी पहचान इन प्राचीन परम्पराओं व संस्कृति के कारण ही है। उन्होंने कहा कि जिस सभ्यता ने अपनी संस्कृति का सरंक्षण नहीं किया वह समाज कभी भी फल-फूल नहीं सकता है। सीएम ने इस अवसर पर कुल्लू दशहरा स्मारिका का विमोचन किया।

5 फीसदी बढ़ा देवी-देवताओं का नजराना, बजंतरियों को 10 हजार

kullu3कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का सोमवार को समापन हो गया। सीएम वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के सबसे बड़े देव व मानव समागम का विधिवत रूप से समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने देवी-देवताओं का नजराना 5 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की।

  • सीएम ने किया अंतरराष्ट्ररीय कुल्लू दशहरा उत्सव का समापन

इसके साथ अब बजंतरियों को भी 10 हजार रुपए मिलेंगे। कलाकेंद्र में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने एक बार फिर भगवान रघुनाथ मंदिर मुद्दे को छेड़ते हुए कहा कि भगवान रघुनाथ मंदिर का अधिग्रहण के पीछे सरकार का मकसद व्यवस्था ठीक करना है। वे चाहते हैं कि इस मुद्दे पर देव समाज व स्थानीय लोग गुमराह न हो। सीएम ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का शुभारंभ किया और परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र छात्राओं को लैपटॉप भी बांटे।

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https://youtu.be/MAAhfH82NxE

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