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Budget session : 83 वर्ष के सीएम…BJP मानसिकता…हो गए हैं PHD

Budget session : 83 वर्ष के सीएम…BJP मानसिकता…हो गए हैं PHD

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शिमला। विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के उत्तर के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोक-झोंक हुई। इस दौरान कई बार सदन में हंगामा हुआ और दोनों तरफ के सदस्य अपनी सीटों से उठे और शोर-शराबा करने लगे। इससे सदन की कार्रवाई कई बार बाधित भी हुई और शोर-शराबे के बीच कौन सदस्य क्या बोल रहे हैं, वह भी सुनाई नहीं पड़ रहा था। इस बीच, सीएम वीरभद्र सिंह के चर्चा का उत्तर देने के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया कि सीएम ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों के जवाब नहीं दिए और कहा कि वे सीएम के जवाब से असंतुष्ट हैं और वे सदन से वाकआउट कर रहे हैं और यह कहते हुए विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इसके बाद सदन में ध्वनिमत से राज्यपाल के अभिभाषण को पारित कर दिया। इससे पहले  राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए सीएम वीरभद्र सिंह ने जैसे ही भेदभाव व क्षेत्रवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा, विपक्षी सदस्य शोर करने लगे।

  • तंजः  अच्छी तरह से जानता हूं बीजेपी मानसिकता, देखता आ रहा हूं जनसंघ से
  • अभिभाषण पर चर्चा के उत्तर के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष में जमकर नोक-झोंक
  • गुस्साएं विपक्ष का वाकआउट,  सदन में राज्यपाल का अभिभाषण ध्वनिमत से पारित
  • बीजेपी का पलटवारः सीएम वीरभद्र सिंह खुद क्षेत्रवाद, भेदभाव की करते हैं राजनीति

सीएम ने कहा कि वे 83 वर्ष के हो चुके हैं और जब से वे राजनीति में हैं, जनसंघ से लेकर अब बीजेपी के लोग भेदभाव की ही बात करते रहे हैं। उनका कहना था कि यह मुद्दा उनका स्थाई मुद्दा बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह मानसिकता बन गई है। लेकिन वे भेदभाव की राजनीति पर विश्वास नहीं रखते। सीएम ने आरोप लगाया कि बीजेपी क्षेत्रवाद, भेदभाव, ऊपर-नीचे का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि इनकी मानसिकता को अच्छी तरह से जानता हूं और अब मैं (वीरभद्र सिंह)  इसका पीएचडी हो गया हूं। सीएम के क्षेत्रवाद पर हो रहे लगातार हमलों को देख कुछ बीजेपी सदस्य अपनी सीटों से उठे और शोर मचाने लगे। सदस्य सतपाल सत्ती, वीरेंद्र कंवर और सुरेश भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सीएम खुद क्षेत्रवाद और भेदभाव की राजनीति करते हैं और मंडी में उन्होंने इसे लेकर बोला भी है। इस पर सदन में फिर हंगामा हो गया। इसके बाद अध्यक्ष बीबीएल बुटेल ने हस्तक्षेप किया लेकिन सदस्य शांत नहीं हो रहे थे और कुछ देरतक सदन में दोनों तरफ से हंगामा होता रहा और फिर सदस्य शांत हुए। सीएम ने विपक्षी सदस्यों पर फिर हमला बोला और कहा कि वे जो बोल रहे हैं वह सच बोल रहे हैं और इस कारण ही तकलीफ हो रही है। इससे फिर सदस्य भड़के और फिर सत्तापक्ष के सदस्य भी उठे और शोरगुल करने लगे। इसके बाद बुटेल ने सदस्यों को शांत किया और फिर सीएम ने कहा कि वे क्षेत्रवाद की राजनीति नहीं करते और पूरे प्रदेश को एक माला में पिरोकर विकास कर रहे हैं। उन्होंने
सीएम ने लाल टोपी और हरी टोपी की राजनीति पर लगाई लताड़
सीएम ने टोपी की राजनीति पर भी विपक्ष को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लाल टोपी और हरी टोपी की राजनीति करने पर उन्हें लताड़ लगाई और कहा कि सभी रंग की टोपी पहननी चाहिए और इस बाबत सीएम ने अपने सदस्यों से भी कहा। साथ ही कहा कि उनका बेटा खुद लाल टोपी पहनता है, ताकि इस पर किसी प्रकार की राजनीति न हो। उन्होंने कहा कि टोपी की राजनीति को समाप्त किया जाए और यदि सच्चे हिमाचली हैं तो इससे ऊपर उठकर टोपी को पहनें। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि टोपी की राजनीति वे नहीं करते। उन्होंने कांग्रेस पर इसका आरोप लगाया, जिसे सीएम ने खारिज किय़ा और कहा कि वे पहले कापी अर्सा तक लाल टोपी पहनते रहे हैं।
सीएम..पंडित जी, शर्म करो, रोह़ड़ू का होकर ऐसा करते हो
राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के उत्तर के दौरान सीएम के तेवर काफी तीखे थे। सीएम ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे रणनीति बनाकर यहां आए हैं कि सदन में जब चर्चा का उत्तर दिया जाए तो वे उस दौरान दखल देंगे। सीएम ने कहा कि उनके पास सीआईडी रिपोर्ट है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितना भी शोर मचाए, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला और बोलते रहेंगे। इस दौरान, जब सुरेश भारद्वाज कुछ बोलने लगे तो सीएम कहने लगे कि पंडित जी, शर्म करो, रोह़ड़ू का होकर ऐसा करते हो, इससे वे उखड़े और बीजेपी के बाकी सदस्य भी उठे। इसके बाद सीएम ने कहा कि यह मामला उनके और सुरेश भारद्वाज के बीच का है और हमारे उनके साथ पुश्तैनी संबंध हैं। इसके बाद सदस्य शांत हुए और फिर कार्यवाही आगे बढ़ी।


स्कूलों में सितंबर तक भर दिए जाएंगे सभी पद
सीएम वीरभद्र सिंह ने सदन में ऐलान किया है कि राज्य में जितने भी स्कूल खुले हैं, उनमें सितंबर माह तक सभी पद भरे जाएंगे। उनका कहना था कि इस संबंध में शिक्षा विभाग को आदेश जारी कर दिए गए हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर हो रही चर्चा के उत्तर के दौरान सीएम ने कहा कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती बैचवाइज की जाएगी, क्योंकि स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के माध्यम से इनकी भर्ती करना संभव नहीं है। इसलिए बैच आधार पर शिक्षकों की भर्ती होगी। उनका कहना था कि राज्य का कोई भी स्कूल अक्टूबर तक बिना शिक्षक के नहीं होगा और इस संबंध में विभाग को आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इनकी भर्ती को साक्षात्कार होंगे और हर जिले में ये साक्षात्कार होंगे और अक्टूबर से पहले यह कार्य हो जाएगा।

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