Expand

Post office @ RTI ; साल दर साल घटते गए डाकिए

Post office @ RTI ; साल दर साल घटते गए डाकिए

- Advertisement -

अभी अभी डेस्क। डाकघर के कर्मचारियों द्वारा एक पुरानी कहावत सुनने की मिली जो विभाग पर बहुत सटीक बैठती है कि ग्रुप डी डाकघर की मां होती है जो कि विभाग को बच्चे की तरह पालती है, जबकि डाकिया डाक विभाग में बाप की भूमिका निभाता है जो विभाग के लिए कमाऊ पूत की तरह कमा कर देता है, परन्तु आज हालत यह हो गई है कि डाकघरों में सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्य के हिसाब से न तो ग्रुप डी कर्मचारी है और न ही पत्र बांटने के लिए डाकिया।

  • post-4कोई समय था जब कबूतर डाकिए का काम किया करता था। शुरुआत में डाक विभाग का मुख्य उद्देश्य घर-घर तक डाक पहुंचाना था। जैसे-जैसे लोगों की मांग बढ़ती गई वैसे-वैसे अन्य सुविधा डाक विभाग देता आ रहा है।
  • पुराना इतिहास देखा जाए तो डाक लाने व ले जाने के लिए कोइ साधन नहीं हुआ करता था फिर भी बहुत कम व निश्चित समय में हरकारे डाक को अपने गंतव्य तक पहुंचाते थे।
  • यह हरकारे समय के इतने पक्के होते थे कि इलाके से गुजरते तो लोग सही समय का अनुमान लगा लेते थे पर आज हर सुविधा होने के बावजूद खत या अन्य डाक सामग्री अपने स्थान पर सही समय पर न तो पहुंच पा रही है न ही बंट पा रही है। 

post-2पत्रवाहकों का डाक बांटने का एरिया तथा मकानों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है परन्तु डाकिओं की संख्या जो बीस साल पहले थी वही आज भी है जिनमें कई पद रिक्त पड़े हुए हैं। इस समय हिमाचल प्रदेश डाक सर्कल में लगभग पांच सौ बाबुओं के पद खाली चल रहे है जबकि डाकिए व ग्रुप डी के 217 पद खाली चल रहे हैं। आरटीआई सूचना के अनुसार डाक विभाग के हिमाचल सर्कल में 31 मार्च, 2016 तक 104 पत्रवाहकों के पद खाली चल रहे हैं। विभाग के पास अप्रैल 2000 में पत्रवाहकों के 481 पद थे जिसमें कुल 25 पद खाली थे तथा 456 पत्रवाहक कार्य कर रहे थे। परन्तु हैरानी की बात है कि सन् 2000 से 31 मार्च 2016 तक विभाग ने 54 पत्रवाहक के पद कम करके 427 पत्रवाहक के पद रखे जिनमें 109 पद खाली चल रहे हैं मात्र 318 डाकिए प्रदेश में डाक का वितरण कर रहे हैं। इन 16 सालों में डाकिए का वितरण क्षेत्र की दूरी तथा लोगों के घरों की संख्या तीन गुणा हो गई है।

post-5डाक विभाग को वितरण क्षेत्र की दूरी तथा मकानों की संख्या के हिसाब से डाकिए के पदों की संख्या में इजाफा होना चाहिए था परन्तु विभाग ने पदों के इजाफे की जगह डाकियों के 54 पद और कम कर दिये उसके अलावा 109 खाली पदों का बोझ डाकियों को अतिरिक्त उठाना पड़ रहा है जिसके कारण डाकिए भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। यही हाल विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी एमटीएस कर्मचारियों का है उन्हें भी खाली चल रहे पदों की वजह से सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कार्य करते देखा जा सकता है जिसके कारण इन कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह सन् 2000 में चतुर्थ श्रेणी के 471 पद थे जिसमें 16 पद खाली थे, जबकि सन् 2016 में चतुर्थ श्रेणी के 471 पदों में से 73 पद कम करके 398 पद ही रह गए इन 398 पदों में से 113 पद खाली चल रहे हैं मात्र 285 कर्मचारी समूचे प्रदेश की डाक व्यवस्था का बोझ ढो रहे हैं।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है