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विधानसभा चुनाव 2017: BJP-Congress के कर्मचारियों पर डोरे

विधानसभा चुनाव 2017: BJP-Congress के कर्मचारियों पर डोरे

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शिमला। प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को रिझाने के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इन दोनों के चुनाव घोषणा पत्र में इनकी मांगों को अहम स्थान मिला है। दोनों दलों ने कर्मचारियों के 4-9-14 से लेकर इनके ट्रांसफर के मामलों को लेकर अपना वादा किया है। इसके अलावा इनके नियमितिकरण की बात को भी सामने रखा है। इस प्रकार दोनों ने कर्मचारियों के वोट लेने को अपना विजन पेश किया है। राज्य में दो लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी हैं। इनमें नियमित और अनुबंध कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा 25 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी भी हैं। ये कर्मचारी समय-समय पर अपनी मांगें उठाते रहे हैं और सरकार ने भी इनकी समस्याओं को सुलझाने की कोशिशें की हैं, लेकिन अभी भी कई मांगें हैं, जिनको सुलझाना बाकी है। चाहे वह 4-9-14 का मामला हो या फिर ट्रांसफर की नीति। अब आउटसोर्स कर्मचारियों की नई समस्या खड़ी हो गई है। ये कर्मचारी सीधे तौर पर ठेके पर रखे गए हैं और अब ये कर्मचारी नियमितिकरण की मांग कर रहे हैं।

सत्ता में आई कांग्रेस तो देगी 4-9-14 का लाभ

कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 4-9-14 का लाभ देने का वादा किया है और कहा है कि जैसे ही उनकी सरकार सत्ता में आएगी, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। कांग्रेस ने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को तीन वर्ष की सेवा के बाद नियमित करने का दांव भी खेला है। इसके साथ-साथ कांग्रेस ने बड़ा वादा अनुबंध कर्मचारियों को अब 2 वर्ष के सेवाकाल के बाद नियमित करने का किया है। वहीं, दैनिक भोगी अब तीन वर्ष में नियमित करने की बात कही है। कांग्रेस ने अंशकालिक कर्मचारियों को 3 वर्ष की सेवा के बाद दैनिक भोगी बनाने का भी वादा किया है। पैट, पैरा और कंप्यूटर और अन्य वर्ग के शिक्षकों को नियमित करने की बात भी कही है। कांग्रेस ने अपने चुनावी मेनीफेस्टो में आरकेएस कर्मचारियों, जिनमें सरकार मेडीकल कॉलेज और एनएचएम कर्मी हैं, उन्हें सरकारी कर्मचारियों के अनुबंध कर्मचारियों के समान नियमितिकरण नीति का लाभ मिलेगा। इसके साथ-साथ अनुकंपा और चिकित्सा के आधार पर रिटायर होने वाले रोजगार प्रदान करने की नीति को उदार बनाया जाएगा और ऐसे हर परिवार के एक आश्रित सदस्य को रोजगार प्रदान किया जाएगा। यही नहीं, कांग्रेस ने दिहाड़ी को 210 रुपए से बढ़ाकर 350 रुपए करने का वादा भा किया है।

पेंशन पर केंद्र से चर्चा कर समिति बनाएगी बीजेपी

उधर, बीजेपी ने अपने दृष्टि पत्र ने वादा किया है कि सरकारी विभागों, बोर्ड एवं निगमों के कर्मचारियों की पेंशन योजना को केंद्र से चर्चा कर सीएम की अगुवाई में पेंशन योजना समिति का गठन किया जाएगा। वहीं 4-9-14 के स्केल का अनुपालन किया जाएगा। कर्मचारियों के भुगतान से संबंधित सभी समस्याओं का विवारण करने को हितधारकों के साथ वित्त सचिव की अध्यक्षता में वेतन विवाद निवारण का गठन किया जाएगा। इसके साथ-साथ ग्रेड तीन और ग्रेड चार की नौकरियों के लिए इंयरव्यू नहीं होगा। बीजेपी ने वादा किया है कि प्रदेश में ठोस भर्ती व ट्रांसफर पॉलिसी बनाकर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
राज्य में कर्मचारी कल्याण बोर्ड का फिर गठन कर उसकी सिफारिशों पर विमर्श किया जाएगा। सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तों की समीक्षा को बोर्ड नीतिगत दिशा-निर्देश तैयार करेगा। सभी सरकारी कर्मचारियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने को कर्मयोगी योजना शुरू की जाएगी। वहीं सरकारी अस्पतालों में नकद रहित लेन-देन को सरकारी कर्मचारियों को स्वास्थ्य कल्याण कार्ड दिया जाएगा। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायक, पीटीए, पैरा व कंप्यूटर टीचर्ज, जल रक्षक, सिलाई-कढ़ाई अध्यापकों व एसएमसी के माध्यम से रखे शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस और बीजेपी के वादों के बीच अब कर्मचारी इनकी विश्लेषण कर रहे हैं और उसके बाद ही वे तय करेंगे कि वे किसको वोट देंगे।

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