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निजी स्कूलों के मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर लाल हुई माकपा

निजी स्कूलों के मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर लाल हुई माकपा

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शिमला। निजी स्कूलों के मनमर्जी के मुताबिक फीस (Fees) बढ़ाने पर माकपा ने नाराजगी जाहिर करते हुए इन पर रोक लगाने की सरकार से मांग की है। माकपा (CPI (M)) नेता संजय चौहान का कहना है कि पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि निजी स्कूल बिना रोक-टोक फीस बढ़ा रहे हैं और अभिभावकों (Parents) को कॉपी किताबें, ड्रेस, जूते आदि भी स्कूलों की मर्ज़ी से खरीदने के लिए विवश कर रहे हैं। इन सब अनियमितताओं की ओर प्रदेश सरकार इस ओर कोई विशेष ध्यान नहीं दे रही हैं।


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अधिकांश निजी स्कूल (Private schools) विभिन्न मदों जैसे प्रत्येक वर्ष एनुअल चार्जिंज, डेवेलपमेंट और मेंटेनेंस फंड आदि के नाम पर अनुचित वसूली कर रहे हैं। इन फंड (Fund) के नाम पर पिछले 5-6 वर्षों में कई निजी स्कूलों ने तो फीस में 10 से 15 गुणा तक की वृद्धि कर दी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से अभिभावक निजी स्कूलों की इस मनमानी को विभिन्न मंचों और व्यक्तिगत रूप से सरकार के समक्ष रख रहे हैं परंतु सरकार के ढुलमुल और लचर रवैये के चलते इस पर कोई रोक नहीं लग पाई है।

सरकार इन निजी स्कूलों पर कार्रवाई करने की बात तो कहती है पर अंत में न जाने किस कारण या दबाव में कार्रवाई नहीं कर पाती है। सरकार की इस लचर कार्यप्रणाली का फायदा उठाकर निजी स्कूल इस मनमानी को कई वर्षों से जारी रखे हुए हैं। अतः माकपा की मांग है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर तुरंत रोक लगे।

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